31/05/2013

क्लस्टर बम के इस्तेमाल पर रोक लगे

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36 अफ्रीकी देशों ने दुनिया के अनेक हिस्सों में क्लस्टर बम के इस्तेमाल की निन्दा करते हुए इस पर अन्तरराष्ट्रीय प्रतिबन्ध लगाए जाने का आग्रह किया है.

क्लस्टर बम की तलाश

क्लस्टर बम बिना फटे कई वर्ष तक ख़तरा बना रहता है

टोगोलीज़ गणराज्य की राजधानी लोमे में हुए एक सम्मेलन को संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम यानी यूएनडीपी और नॉर्वे का समर्थन हासिल था.

सम्मेलन में इन देशों ने बयान जारी करके कहा कि अफ्रीकी देश क्लस्टर गोला-बारूद के लगातार जारी इस्तेमाल और उसके घातक प्रभावों पर बहुत चिन्तित हैं.

क्लस्टर बमों के इस्तेमाल से हताहतों की संख्या लगातार बढ़ी है जिनमें बच्चें और महिलाएँ भी हैं.

वक्तव्य में क्लस्टर बमों का इस्तेमाल तुरन्त रोकने जाने का भी आहवान किया गया है. साथ ही ये भी आहवान किया गया है कि जिन अफ्रीकी देशों ने अभी क्लस्टर गोला-बारूद पर हुई सन्धि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, वे तुरन्त हस्ताक्षर कर दें.

इस सन्धि पर 112 देश पहले ही हस्ताक्षर कर चुके हैं जिसमें क्लस्टर गोला-बारूद का उत्पादन, उसके भंडार, इस्तेमाल और उसकी ख़रीद-फ़रोख़्त पर पाबन्दी लगाई गई है. अभी 12 ऐसे अफ्रीकी देश बचे हैं जिन्होंने इस सन्धि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं.

इस सम्मेलन के सहअध्यक्ष और जिनेवा में टोगोलीज़ गणराज्य के स्थाई मिशन के प्रथम सचिव ब्लेज़ नरतेह मेसाँ का कहना था, "क्लस्टर क़िस्म के गोला-बारूद दोस्त और दुश्मन में फ़र्क़ नहीं कर पाते और इसके शिकार ज़्यादातर असैनिक यानी आम लोग ही होते हैं.”

“इसके अलावा क्लस्टर बम जब विमानों के ज़रिए कहीं गिराए जाते हैं तो उनमें से बहुत से बमों में विस्फोट नहीं हो पाता और इस तरह हज़ारों – लाखों टन गोला-बारूद खेतों और ऐसे स्थानों पर पड़ा रह जाता है जहाँ आम लोगों का आना-जाना रहता है. इससे उन खेतों पर काम करने वाले किसानों और बच्चों को भारी ख़तरा रहता है. कभी – कभी तो ये ख़तरा दशकों तक बना रहता है.”

यहाँ ये बताते चलें कि छोटी-छोटी विस्फोटक यूनिटों यानी बमों को किसी बड़े कनस्तर में भर दिया जाता है.

उस कनस्तर को जब विमान से ज़मीन पर गिराया जाता है तो ये कनस्तर फट जाता है और वो छोटे-छोटे बम एक बड़े इलाक़े में फैल जाते हैं जो ज़मीन पर जाकर फट जाते हैं. बहुत से बिना फटे भी रह जाते हैं जिनसे अनेक तरह के ख़तरे बरक़रार रहते हैं.

हाल के दशकों में कम से कम 24 देशों में क्लस्टर बमों का प्रयोग किया गया है.