होम पेज » मानव अधिकार

मानव अधिकार


सेरेब्रेनीत्सा नरसंहार फिर ना हो मगर…

Srebernica-ligature

1995 में सेरेब्रेनीत्सा में दुनिया को दहला देने वाला नरसंहार हुआ था. क्या गारंटी है कि ऐसा फिर नहीं हुआ और ना होगा...

सुनिए /

उस उम्र की उम्मीद ना टूटे

Elderly_Men

बुढ़ापे में उनकी आँखों की रौशनी तो धूमिल हो सकती है लेकिन उनकी उम्मीदें धूमिल ना हों, ये हम सबकी ज़िम्मेदारी है.

सुनिए /

जेलों में क्यों बढ़ रही है भीड़

Prison_file

फ़िलीपीन्स की जेलों में भीड़ बढ़ती जा रही है यानी ज़्यादा लोगों को उनकी आज़ादी से वंचित किया जा रहा है. तो...

सुनिए /

जंगल भी होते हैं जीने का सहारा

Forest_hunger

खेतीबाड़ी की ज़मीन के साथ-साथ जंगल और वन भी ज़िन्दगी का अहम सहारा हैं. किसके लिए और किस तरह से.

सुनिए /

क़ुदरती क़हर ने किया बेघर मगर…

Earthquake PAP

क़ुदरती आपदाओं की वजह से बड़ी संख्या में लोगों को बेघर होना पड़ता है. मगर फिर भी सरकारें कुछ नहीं करतीं.

सुनिए /

यहूदी बस्तियों से दो राष्ट्र का हल धूमिल

MidEast_Council

फ़लस्तीनी क्षेत्र पश्चिमी तट में यहूदी बस्तियाँ बढ़ाने से दो राष्ट्रों के हल की सम्भावना धूमिल होती नज़र आ रही है.

सुनिए /

हर तरफ़ फैलानी होगी तालीम की रौशनी

education-girls

बेशक़ तालीम के ज़रिए सम्मानजनक ज़िन्दगी मुमकिन होती है मगर क्यों नहीं फैल रही है तालीम की रौशनी...

सुनिए /

कहीं भुखमरी तो कहीं मोटापा

hunger-eating

दुनिया के कुछ हिस्सों में खाना-पानी नहीं मिलने से भुखमरी और कुपोषण है तो कुछ हिस्सों में मोटापा बढ़ रहा है.

सुनिए /

इराक़ में इस हिंसा को क्या नाम दें

Iraq_Women

इराक़ में हिंसक संकट को कोई परिभाषा देना मुश्किल हो गया है, एक साल में 15 हज़ार लोगों की जान जा चुकी है.

सुनिए /