11/07/2013

तम्बाकू कम्पनियों पर लगाम बहुत ज़रूरी

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विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि दुनिया भर में कम से कम 24 देश ऐसे हैं जिन्होंने तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन, उनके इस्तेमाल को बढ़ावा देने वाली गतिविधियों और उनकी हिमायत करने वाले कार्यकलापों पर पूरी तरह पाबन्दी लगा दी है जिससे तम्बाकू उत्पादों के इस्तेमाल पर रोक लगाने में अहम मदद मिल रही है.

संगठन का कहना है कि 32 ऐसे देश हैं जिन्होंने पिछले पाँच वर्षों के दौरान सार्वजनिक स्थलों, कामकाज के स्थानों और बसों और रेलगाड़ियों और तमाम तरह के वाहनों में धूम्रपान पर पूरी तरह रोक लगा दी है, जिससे धुआँ मुक्त वातावरण तैयार करने में बहुत मदद मिली है. इसलिए अन्य देशों को भी तम्बाकू कम्पनियों पर लगाम कसना बहुत ज़रूरी है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन की डायरेक्टर जनरल यानी महानिदेशक डॉक्टर मार्गरेट चैन का कहना था कि वर्ष 2030 तक तम्बाकू सेवन से होने वाली मौतों की संख्या हर वर्ष 80 लाख होने की आशंका जताई गई है.

उन्होंने कहा कि इसलिए हर देश की ये ज़िम्मेदारी है कि वो अपने नागरिकों को तम्बाकू सेवन से होने वाली बीमारियों, विकलांगता और मौतों से बचाने के लिए हर सम्भव उपाय करे.

विश्व स्वास्थ्य संगठन के ग़ैर-संचारी रोग विभाग के निदेशक डॉक्टर डगलस बैचेर का कहना था, "तम्बाकू उत्पादों का बाज़ार जितना बढ़ता है उससे होने वाली मौतों की संख्या भी उतनी ही बढ़ती है."

"तम्बाकू उद्योग मौत की मशीनें बन चुके हैं और तम्बाकू उत्पाद बेचने वाली कम्पनियाँ लगातार ऐसे विकासशील देशों में अपना बाज़ार फैलाने की जुगत में लगी हैं जहाँ अभी तम्बाकू सेवन कम हो रहा है. ये बहुत अहम और ज़रूरी है कि तमाम देश अपने यहाँ तम्बाकू उत्पादों के विज्ञापन और हिमायत करने वाली तमाम गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाएँ."

उन्होंने कहा, "तम्बाकू कम्पनियों को अपने उत्पादों के विज्ञापन टी शर्ट्स और जूतों या इसी तरह की चीज़ों पर लगाने की तो क़तई इजाज़त नहीं दी जा सकती. साथ ही डिस्को वग़ैरा में लोगों को तम्बाकू उत्पाद मुफ़्त में बाँटने की भी इजाज़त नहीं दी जा सकती. इस तरह की तमाम गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगाना बहुत ज़रूरी है क्योंकि इन्हीं के ज़रिए तम्बाकू उद्योग पर लगाम कसी जा सकती है."

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार तम्बाकू सेवन से दुनिया भर में भारी संख्या में मौते होती हैं जिन्हें आसानी से रोका जा सकता है.

तम्बाकू सेवन से दुनिया भर में हर साल साठ लाख लोग अपनी जान गँवा बैठते हैं.

ध्यान रहे कि तम्बाकू सेवन से कैंसर, दिल की बीमारी, डायबटीज़ और साँस लेने में तकलीफ़ वाली जानलेवा बीमारियाँ होती हैं.