28/06/2013

भविष्य निर्माण के लिए युवा तैयारी

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है कि दुनिया को सकारात्मक भविष्य के लिए बदलना है तो युवाओं को तैयार करना होगा.

महासचिव बान की मूनबुधवार को महासभा को सम्बोधित करते हुए बान की मून ने कहा कि आने वाले कुछ दशकों में लगभग पचास करोड़ युवाओं को कामकाज या नौकरियों की ज़रूरत पड़ेगी.

उन्होंने कहा कि कामकाज या नौकरियों की इन ज़रूरतों को पूरा करने के लिए ज़रूरी है कि युवाओं को इस तरह से शिक्षित और सशक्त बनाया जाए कि वो ख़ुद भी रोज़गार देने योग्य बन सकें.

विकास के लिए उद्यम विषय पर एक गोष्ठि में बान की मून ने कहा कि इस समय युवा पीढ़ी की संख्या इतिहास में सबसे ज़्यादा है और अगर इस पीढ़ी के विकास और सशक्तिकरण के लिए समुचित संसाधन लगाए जाएँ तो ये दुनिया को बदल सकती है.

महासचिव बान की मून का कहना था, "आज बहुत सारे युवा ऐसे हैं जो या तो लड़ाई-संघर्ष में फँसे हुए हैं या फिर ग़रीबी का शिकार हैं. बहुत से तो ऐसे भी हैं जिन्हें भरपेट खाना जुटाने के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है.”

“हमें इस युवा पीढ़ी को एक शान्तिपूर्ण और सुरक्षित माहौल मुहैया कराना होगा जिसमें वो अपनी क्षमताओं और योग्यताओं का सही इस्तेमाल करके समाज में अपना योगदान कर सकें. आइए, हम संकल्प लें कि युवा पीढ़ी को सक्षम बनाने के लिए हर सम्भव प्रयास और उपाय किए जाएं और उनके भविष्य को संवारने, सुधारने और बदलाव में उनके योगदान के लिए रास्ते खोलें."

महासचिव बान की मून ने कीनिया की एक ऐसी महिला की कहानी भी सुनाई जो झुग्गी झोंपड़ियों में पैदा हुई थी लेकिन उसने कूड़ा-करकट इकट्ठा करके उसे फिर से इस्तेमाल योग्य बनाने यानी रीसाइक्लिंग (Recycling) का काम शुरू किया और 500 लोगों को कामकाज और रोज़गार दिया.

उन्होंने कहा कि ये एक ऐसी मिसाल है जिससे साबित होता है कि कुछ करने की ललक से बेरोज़गार युवक किस तरह से ना सिर्फ़ अपने लिए कामकाज का इन्तज़ाम कर सकते हैं बल्कि दूसरों को भी रोज़गार देने के क़ाबिल बन सकते हैं.

इसके साथ-साथ टिकाऊ विकास की चुनौतियों का सामना करने लिए भी समाधान खोजे जाते हैं.

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