28/06/2013

'डिज़ायनर ड्रग्स' से चिन्ता की लहर

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हाल के समय में कुछ नए तरह के नशीले पदार्थों का चलन बढ़ता देखा गया है जिसे लेकर गम्भीर चिन्ता जताई गई है.

जस्टिस टैटीअपराध और नशीले पदार्थों पर संयुक्त राष्ट्र के विभाग (UNODC) ने वर्ष 2013 की विश्व ड्रग्स रिपोर्ट जारी की है.

इसमें कहा गया है कि एक तरफ़ तो हेरोइन और कोकीन जैसे परम्परागत नशीले पदार्थों के सेवन का चलन कम हो रहा है लेकिन दूसरी तरफ़ कुछ ऐसे नशीले पदार्थों का चलन बढ़ रहा है जो अभी तक जाने-पहचाने नहीं थे. इन्हें 'डिज़ायनर ड्रग्स' के नाम से भी जाना जाता है.

रिपोर्ट कहती है कि इन नशीले पदार्थों का सेवन बहुत तेज़ी से बढ़ रहा है जिससे लोगों के स्वास्थ्य के लिए गम्भीर ख़तरा पैदा हो गया है.

इन ड्रग्स को कुछ अजीब तरह के नाम दिए गए हैं, जैसे कि – स्पाइस (Spice), म्याऊ-म्याऊ (Meow-meow) और बाथ सॉल्ट्स (Bath salts).

कुछ स्थानों पर तो ये नशीले पदार्थ खुलेआम बिकते हैं और इंटरनेट के ज़रिए भी इनकी बिक्री हो रही है.

वियेना स्थित UNODC की प्रयोगशाला और वैज्ञानिक विभाग के मुखिया जस्टिस टैटी का कहना था कि इन नशीले पदार्थों का व्यक्ति के दिलो-दिमाग़ पर क्या असर होता है, इस बारे में अभी पुख़्ता जानकारी नहीं है.

जस्टिस टैटी का कहना था, "ये नशीले पदार्थ इसलिए और भी ख़तरनाक़ हैं क्योंकि इंसानों पर इनके क्या असर हो सकते हैं, इसके कोई परीक्षण नहीं हुए हैं. हेरोईन और कोकीन के प्रभावों के बारे में तो बहुत से परीक्षण हुए हैं. लेकिन चूँकि इन तथाकथित डिज़ायनर ड्रग्स के प्रभावों के बारे में कोई परीक्षण नहीं हुए हैं इसलिए हमें इनके असर के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं है."

संयुक्त राष्ट्र की इस एजेंसी UNODC ने इन नए और ख़तरनाक़ नशीले पदार्थों के उत्पादन, इनकी ख़रीद-फ़रोख़्त और इन दवाओं के ग़लत इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए एकजुट और ठोस कार्रवाई करने का आहवान किया है.