6/01/2017

2016 ने ढाई सीरिया में क़यामत

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साल 2016 सीरिया की नागरिक आबादी के लिए भारी तबाही और बर्बादी वाला रहा है.

ये बात सीरिया में मानवाधिकार स्थिति की जाँच के लिए गठित टीम के मुखिया पाउलो सर्गियो पिनहीरो ने कही है.

इस स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच टीम का गठन संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद ने साल 2011 में किया था.

इस जाँच टीम का काम सीरिया में पाँच साल से जारी गृहयुद्ध और भीषण लड़ाई के दौरान मानवाधिकार उल्लंघन और युद्धापराध के मामलों की जाँच करना है.

सीरिया में पाँच साल के इस गृहयुद्द में पाँच लाख से भी ज़्यादा लोगों के मारे जाने की ख़बरें हैं.

इस जाँच आयोग ने अपनी पिछली रिपोर्ट में आगाह करते हुए कहा था कि सीरिया देश तबाही और बर्बादी की जीती-जागती मिसाल बन चुका है और आम लोगों को अपनी ज़िन्दगी की तबाही के ज़रिए भारी क़ीमत चुकानी पड़ रही है.

इस पैनल ने सीरिया में नागरिक इलाक़ों में किए गए हवाई और ज़मीनी हमलों की जानकारी दी जिनमें भीषण हथियारों का इस्तेमाल किया गया.

रिहायशी इलाक़ों में रॉकेट हमलों से इंसानियत दहल गई है.

साथ ही बाज़ारों, अस्पतालों और स्कूलों की बड़े पैमाने पर तबाही ने लोगों के वर्तमान और भविष्य को हिलाकर रख दिया है.

जांच पैनल का ये भी कहना है कि अलेप्पो शहर पर क़ब्ज़ा करने के लिए सीरिया सरकार और उसके सहयोगियों द्वारा चलाए गए सैनिक अभियान ने इंसानियत को बिल्कुल बिखेर कर रख दिया है.

इस पैनल के मुखिया पाउलो सर्गियो पिनहीरो का कहना था कि अगर हम सीरिया में तबाही और बर्बादी को नापने की कोशिश करें तो साल 2016 सबसे भीषण रहा है.

साल 2016 के दौरान नागरिक आबादी पर इस तरह से बेतहाशा हमले किए गए कि इंसानियत काँप उठी.

युद्ध में शामिल तमाम पक्षों ने नागरिक आबादी के ख़िलाफ़ लड़ाई में पहले से ज़्यादा और जानलेवा युद्धक तकनीक और हथियारों का इस्तेमाल किया.

इस तरह आम लोगों के लिए ये साल बहुत ही भयानक और भीषण रहा.

रिपोर्ट प्रस्तुति: महबूब ख़ान

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