2/12/2016

कास्त्रो के साथ एक युग का अन्त

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महासचिव बान की मून ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फ़िदेल कास्त्रो के निधन पर देश के लोगों के साथ संवेदना प्रकट की है.

उन्होंने कहा कि फ़िदेल कास्त्रो को क्यूबा में साक्षरता, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में प्रगति के लिए याद किया जाएगा.

फ़िदेल कास्त्रो का इसी सप्ताह 90 वर्ष की उम्र में देहान्त हो गया है.

तुर्कमेनिस्तान में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बान की मून का कहना था कि उन्हें 2014 की अपनी क्यूबा यात्रा के दौरान फ़िदेल कास्त्रो से हुई मुलाक़ात बहुत अच्छी तरह याद है.

उन्होंने बताया कि इस मुलाक़ात के दौरान फ़िदेल कास्त्रो के साथ दुनिया भर में हो रहे घटनाक्रम के साथ-साथ टिकाऊ विकास और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर भी बातचीत हुई थी.

फ़िदेल कास्त्रो ने कैरीबियाई देश क्यूबा में 1959 में तत्कालीन शासक के ख़िलाफ़ कम्यूनिस्ट क्रान्ति का नेतृत्व किया था.

सफल होने पर वो देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे. फ़िदेल कास्त्रो 1976 से 2008 तक क्यूबा के राष्ट्रपति रहे.

2008 में फ़िदेल कास्त्रो ने अपने छोटे भाई राउल कास्त्रो को राष्ट्रपति पद की ज़िम्मेदारी सौंप दी थी.

फ़िदेल कास्त्रो ने अनेक मौक़ों पर संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से विश्व नेताओं को सम्बोधित किया था.

संयुक्त राष्ट्र महासभा में सबसे लम्बा भाषण या सम्बोधन देने का रिकॉर्ड भी फ़िदेल कास्त्रो के नाम ही दर्ज है.

उन्होंने सितम्बर 1960 में कुल 269 मिनट यानी क़रीब साढ़े चार घंटे का भाषण दिया था.

रिपोर्ट प्रस्तुति: महबूब ख़ान

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