18/05/2013

तकनीक के सहारे चौकस सड़क सुरक्षा

सुनिए /

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या कम करने में टेक्नोलॉजी यानी तकनीक अहम भूमिका अदा कर सकती है.

तकनीक के चतुर प्रयोग से दुर्घटनाएँ टाली जा सकती हैंसड़क दुर्घटनाओं में हर वर्ष क़रीब 13 लाख लोगों की मौत हो जाती है, जबकि लाखों अन्य गम्भीर रूप से घायल हो जाते हैं और भारी संख्या में लोग हमेशा के लिए विकलांग भी हो जाते हैं.

 17 मई को World Telecommunication and Information Society Day यानी विश्व दूरसंचार और सूचना समाज दिवस मनाया गया जिसमें सड़क सुरक्षा पर ही ज़्यादा ध्यान दिया गया.

इस अवसर पर बान की मून ने उदाहरण देते हुए कहा कि सूचना और संचार तकनीक यानी आई सी टी सड़क और वाहनों को किस तरह से सुरक्षित बना सकती है.

बान की मून का कहना था, "चतुर परिवहन प्रणाली और रास्ता बताने वाले उपकरण यानी नेवीगेटरों का सही इस्तेमाल करके सड़क पर वाहनों की भीड़ को कम किया जा सकता है. रेडार का इस्तेमाल करके सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनों या पैदल यात्रियों के साथ भिड़न्त से बचा जा सकता है."

"ऐसे फ़ोन या अन्य उपकरणों का इस्तेमाल किया जा सकता है जिनमें हाथों का लगातार इस्तेमाल ना हो तो काफ़ी हद तक दुर्घटनाओं से बचा जा सकता है. ख़ासतौर से इस तरफ़ युवाओं का ध्यान खींचना बेहद ज़रूरी है जो वाहन चलाते समय मोबाइल फ़ोन वग़ैरा का इस्तेमाल बहुत ज़्यादा करते हैं जिनसे उनके हाथ घिर जाते हैं और ध्यान भी बँटता है."

बान की मून का कहना था कि सड़क दुर्घटनाओं में जितनी मौतें होती हैं, उनमें से आधी से ज़्यादा संख्या युवाओं की होती है.

महासचिव बान की मून ने सड़क सुरक्षा के बारे में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों पर अंतरराष्ट्रीय दूरसंचार यूनियन की सराहना भी की.