18/05/2013

सीरियाई शरणार्थियों की संख्या 15 लाख

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दो साल पहले शुरू हुए सीरिया संघर्ष के बाद अब तक वहाँ से 15 लाख से भी ज़्यादा लोगों को भागकर पड़ोसी देशों में पनाह लेनी पड़ी है.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेन्सी यू एन एच सी आर का कहना है कि ये संख्या इससे भी ज़्यादा होने की आशंका है क्योंकि बहुत से सीरियाई नागरिकों ने पड़ोसी देशों में पनाह लेने के बाद सुरक्षा कारणों की वजह से एजेन्सी के साथ पंजीकरण नहीं कराया है.

सीरियाई शरणार्थी

लाखों सीरियाई हिंसा की वजह से देश छोड़ने को मजबूर हैं

यू एन एच सी आर ने जॉर्डन और लेबनान में पौने पाँच-पाँच लाख, तुर्की में साढ़े तीन लाख, इराक़ में डेढ़ लाख और उत्तरी अफ्रीका में 76 हज़ार सीरियाई शरणार्थियों का पंजीकरण किया है.

यू एन एच सी आर के एक वरिष्ठ पदाधिकारी डैन मैक्कनॉर्टन का कहना था कि सीरिया में हिंसा से घबारकर भागने वाले लोगों की बढ़ती संख्या से संसाधनों पर बहुत बोझ बढ़ रहा है.

डैन मैक्कनॉर्टन के अनुसार सीरियाई संकट का उन लोगों की ज़िन्दगी पर बहुत बुरा असर हो रहा है जो लोग अपना देश छोड़कर भागने को मजबूर हैं. लोगों की ज़रूरतें पूरी करने के लिए जितने संसाधनों की ज़रूरत है, उससे बहुत कम संसाधन मौजूद हैं जिसकी वजह से स्थिति और गम्भीर होती जा रही है."

उनका कहना था कि यू एन एच सी आर ने इस वर्ष की शुरूआत से लेकर अब तक लगभग दस लाख सीरियाई शरणार्थियों का पंजीकरण किया है. इस तरह क़रीब ढाई लाख लोग हर महीने शरणार्थी बन रहे हैं.

डैन मैक्कनॉर्टन ने कहा कि इन शरणार्थियों का कहना है कि सीरिया में लगातार बढ़ती हिंसा की वजह से गाँवों, क़स्बों और शहरों का नियन्त्रण बदल रहा है जिससे उन स्थानों पर रहने वाले नागरिक अपनी सुरक्षा के लिए वहाँ से भागने को मजबूर हैं.

यू एन एच सी आर का ये भी कहना है कि उसने सीरिया के भीतर आठ लाख, साठ हज़ार विस्थापित लोगों को खाने-पीने के अलावा काम आने वाला अन्य ज़रूरी सामान पहुँचाया है.

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