4/05/2013

सऊदी अरब में नोवेल कोरोना वायरस

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सऊदी अरब में नोवेल कोरोना वायरस के संक्रमण के सात नए मामले सामने आने के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन अन्तरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ स्थिति का जायज़ा ले रहा है.

ये वायरस अब से पहले इन्सानों में नहीं पाया गया था. नोवेल कोरोना वायरस से साँस की गम्भीर बीमारी हो जाती है और मरीज़ को बुख़ार, खाँसी होती है और साँस लेने में भी तकलीफ़ होती है.

मध्य पूर्व के देशों में पाए जाने वाले इस वायरस के बारे में विश्व स्वास्थ्य के प्रवक्ता ग्लैन थॉमस का कहना था, “सऊदी अरब के स्वास्थ्य मन्त्रालय ने नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमण के सात मामलों की पुष्टि की है. इनमें से पाँच मरीज़ों की मौत हो चुकी है.”

ये समाचार लिखे जाने तक बाक़ी दो ही हालत भी गम्भीर बताई गई है. सऊदी अरब सरकार इस वायरस के इस गम्भीर हमले की व्यापक जाँच-पड़ताल कर रही है.

शुरूआती जाँच में ऐसा कोई मामला नहीं पाया गया है जिसमें संक्रमित व्यक्ति बाहर से आया हो या पशुओं से भी संक्रमण के संकेत नहीं मिले हैं.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का ये भी कहना है कि गत वर्ष सितम्बर से लेकर अब तक पूरी दुनिया में नोवेल कोरोना वायरस से संक्रमण फैलने के 24 मामले सामने आए हैं जिनकी पुष्टि प्रयोगशालाओं में सघन परीक्षण के बाद ही की गयी है.

संगठन ने तमाम देशों से अनुरोध किया है कि इस वायरस के संक्रमण के नए मामले सामने आने के बाद तुरन्त सघन परीक्षण किए जाएँ और विश्व स्वास्थ्य संगठन को भी बिना किसी देरी के सूचित किया जाए.

संगठन ने ऐसी स्थितियों के बारे में भी जानकारी माँगी है जिनकी वजह से इस वायरस का संक्रमण फैला हो और इलाज के बारे में भी जानकारी मुहैया कराने का अनुरोध किया गया है.

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