26/04/2013

मलेरिया रोकने के लिए पार्टनरशिप

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मलेरिया का मुक़ाबला करने के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रम Roll Back Malaria Partnership का कहना है कि पिछले एक दशक के दौरान हालाँकि मलेरिया से होने वाली मौतों की संख्या में लगभग 25 प्रतिशत की कमी आई है लेकिन हाल ही में आई आर्थिक मन्दी की वजह से इस प्रगति पर असर पड़ सकता है.

पार्टनरशिप ने सभी देशों का आहवान किया है कि वो मलेरिया से लड़ने के लिए और धन का इंतज़ाम करें और इस पहल को Invest in the Future: Defeat Malaria नाम दिया गया है.

ग़ौरतलब है कि 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस मनाया जाता है. पार्टनरशिप का कहना है कि दुनिया भर में मलेरिया का मुक़ाबला करने के लिए हर वर्ष लगभग पाँच अरब डॉलर की ज़रूरत है लेकिन इसकी आधी रक़म ही उपलब्ध है.

इस पार्टनरशिप के डॉक्टर थॉमस त्यूशेर का कहना था, "मलेरिया उन्मूलन के उपायों में धन लगाने से देशों को अपनी आर्थिक प्रगति सुधारने का मौक़ा मिलेगा, और आर्थिक प्रगति से असमानता कम करने में मदद मिलेगी जिससे ज़्यादा लोगों को कामकाज और नौकरियाँ मिलेंगी, रोज़गार के हालात बेहतर होंगे और जीवन सुधरेगा."

उन्होंने कहा कि इसलिए भविष्य के लिए धन निवेश करने से ना सिर्फ़ मलेरिया से छुटकारा मिलेगा बल्कि लोगों की ज़िंदगी भी बेहतर हो सकेगी.

Roll Back Malaria Partnership का कहना है कि मलेरिया को नियंत्रित करने के उपायों से ना सिर्फ़ इस बीमारी से छुटकारा पाने में मदद मिलती है बल्कि अन्य स्वास्थ्य और विकास लक्ष्यों को हासिल करने में भी प्रगति होती है. इनमें माँ और बच्चे का स्वास्थ्य बेहतर करना शामिल है.

पार्टनरशिप का कहना है कि नए आँकड़े बताते हैं कि अफ्रीका में मलेरिया से छुटाकारा पाने में लगाए गए प्रत्येक डॉलर के बदले में लगभग पचास डॉलर का धन चलन में आता है.