15/03/2013

वैश्विक अर्थव्यवस्था का आकलन, भ्रष्टाचार और सड़क सुरक्षा

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An Indian Woman

भारत जैसे देश तेज़ी से आर्थिक प्रगति कर रहे हैं

वैश्विक अर्थव्यवस्था में विकासशील देशों की बड़ी भूमिका

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम – यूएनडीपी (UNDP) की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत, चीन और ब्राज़ील की अहम भूमिका लगातार बढ़ रही है. इस वर्ष की मानव विकास रिपोर्ट को नाम दिया गया है – The Rise of the South: Human Progress in a Diverse World”.

इस रिपोर्ट को मैक्सिको में गत गुरूवार को जारी किया गया. रिपोर्ट में ख़ासतौर से तेज़ी से बदलते वैश्विक समीकरणों की गहन पड़ताल करने के बाद पाया गया है कि विकासशील देश तेज़ी से नई शक्ति बनकर उभर रहे हैं. मानव विकास पर इसके दीर्घकालीन प्रभावों का भी विश्लेषण किया गया है.

यूएनडीपी की एडमिनिस्टेटर हेलेन क्लार्क का कहना है कि ताज़ा इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि दक्षिणी गुट यानी विकासशील देश एक साथ मिलकर वैश्विक आर्थिक विकास की गति और दिशा निर्धारित कर रहे हैं. इस घटनाक्रम से सामाजिक परिवर्तन भी हो रहे हैं क्योंकि इससे करोड़ों लोगों के जीवन में भी सुधार हो रहा है.

हेलेन क्लार्क का कहना है, “इस रिपोर्ट के लिए तैयार किए गए आकलनों पर ग़ौर करें तो वर्ष 2020 तक सिर्फ़ तीन देशों – भारत, चीन और ब्राज़ील की संयुक्त आर्थिक ताक़त और डॉलर की तुलना में इनकी क्रय शक्ति इतनी बढ़ जाएगी कि अमरीका, जर्मनी, ब्रिटेन, फ्रांस, इटली और कनाडा की संयुक्त ताक़त से ज़्यादा हो जाएगी. ये एक बहुत ही बड़ा घटनाक्रम होगा.”

“हम देखते हैं कि उभरती आर्थिक शक्तियों में ज़्यादा गतिविधियाँ व्यापार, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और प्रोद्योगिकी क्षेत्र में साझेदारी में बढ़ोत्तरी के रूप में हो रही हैं.”

यूएनडीपी की एडमिनिस्ट्रेटर हेलेन क्लार्क के अनुसार रिपोर्ट कहती है कि तुर्की, मैक्सिको, थाईलैंड, दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया और अन्य बहुत से विकासशील देश भी विश्व मंच पर प्रमुख शक्ति के रूप में उभर रहे हैं.

 केवल 28 देशों में ही सड़क सुरक्षा के अच्छे क़ानून हैं

भारी सड़क यातायात

अनेक देशों में सड़क यातायात सुरक्षित नहीं है

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ़ कुछ ही देशों में सड़क सुरक्षा के लिए अच्छे क़ानून मौजूद हैं.

रिपोर्ट कहती है कि हर साल दुनिया भर में सड़क दुर्घटनाओं में दस लाख से ज़्यादा लोगों की जान चली जाती है.

रिपोर्ट के अनुसार 88 ऐसे देश हैं जहाँ सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की संख्या में कमी दर्ज की गई है जबकि 87 देशों में ये संख्या बढ़ी है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन में हिंसा निरोधक और विकलांगता विभाग के निदेशक एटियेन क्रूग कहते हैं कि सड़क दुर्घटनाओं के लिए मानव ग़लतियाँ ही ज़िम्मेदार होती हैं और इन्हें रोकने के लिए क्या किया जाना चाहिए, ये किसी से छुपा नहीं है.

निदेशक एटियेन क्रूग कहते हैं, “मैं ख़ासतौर से शराब पीकर और तेज़ गति से वाहन चलाने जैसे मामलों की बात कर रहा हूँ, बहुत से लोग सीट बेल्ट नहीं पहनते हैं और बहुत से मोटरसाईकिल चालक हेलमेट पहनने से कतराते हैं, तो बहुत से लोग छोटे बच्चों को उनकी सुरक्षा के लिए कार सीट के बिना ही कार में बिठा लेते हैं.”

“ये सभी कोताहियाँ सड़क दुर्घटनाओं के लिए सबसे ज़्यादा ज़िम्मेदार हैं. हमने जाँच-पड़ताल की है कि किन देशों में इन ग़लतियों को रोकने के लिए समुचित क़ानून हैं तो पता चला है कि सिर्फ़ 28 देशों में सड़क सुरक्षा के लिए पर्याप्त क़ानून मौजूद हैं. ये सारे देशों का लगभग 15 प्रतिशत बैठता है जिनमें दुनिया की लगभग सात प्रतिशत आबादी रहती है.”

एटियेन क्रूग का कहना था कि इसका मतलब ये है कि दुनिया की लगभग 93 प्रतिशत आबादी को सड़क सुरक्षा के लिए ठोस क़ानूनों का सहारा हासिल नहीं है.

उनका ये भी कहना था कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सिर्फ़ अच्छे क़ानून बना देने भर से कुछ लाभ नहीं होगा, बल्कि ऐसे क़ानूनों को कड़ाई से लागू करने की बहुत ज़रूरत है.

 सीरिया में लाखों लोग भोजन से वंचित

एक सीरियाई माँ अपने बच्चे के साथ

सीरिया में हालात बहुत ख़तरनाक हो गए हैं

विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) को सीरिया में हिंसा से प्रभावित लाखों लोगों तक भोजन पहुँचाने के लिए गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. इसकी एक बड़ी वजह पर्याप्त धन उपलब्ध नहीं हो पाना भी है जबकि सीरिया के संकट को दो वर्ष होने वाले हैं.

विश्व खाद्य कार्यक्रम की निदेशक अर्थरीन कौज़िन का कहना है कि ये एक वैश्विक संकट है जिसे हल करने के लिए वैश्विक प्रयासों की ज़रूरत है, और अंतरराष्ट्रीय एकजुट प्रयासों के ज़रिए ही सीरियाई लोगों की बढ़ती आपात ज़रूरतों को पूरा किया जा सकता है.

निदेशक अर्थरीन कौज़िन ने उन 30 देशों की सरकारों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने सीरियाई लोगों की मदद के लिए दिल खोलकर दान दिया है जिनमें ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, यूरोपीय संघ, जापान, ब्रिटेन और अमरीका शामिल हैं. लेकिन उन्होंने आगाह किया कि मदद की ज़रूरत बहुत तेज़ी से बढ़ भी रही है.

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र खाद्य एजेंसी की योजना सीरिया के भीतर ही लगभग 25 लाख लोगों तक भोजन पहुँचाने की है, साथ ही, सीरिया के पड़ोसी देशों में पहुँच गए लगभग दस लाख सीरियाई लोगों तक भोजन पहुँचाने का इरादा है.

लेकिन ये एजेंसी संसाधनों की क़िल्लत से दो चार है. निदेशक ने कहा कि एजेंसी को इस वर्ष जून तक सीरियाई लोगों की भोजन ज़रूरतें पूरी करने के लिए कम से कम साढ़े 15 करोड़ अमरीकी डॉलर की तुरंत ज़रूरत है.

विश्व खाद्य कार्यक्रम ने सीरिया में आपात अभियान अगस्त, 2011 में शुरू किए थे. अभी तक लाखों सीरियाई नागरिकों को लगभग 83 हज़ार टन खाद्य सामग्री पहुँचाई जा चुकी है.

भ्रष्टाचार घातक है: नवी पिल्लई

संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार उच्चायुक्त नवी पिल्लई ने कहा है कि इसमें क़तई भी संदेह नहीं है कि भ्रष्टाचार मानवाधिकर सुनिश्चित करने की राह में एक बड़ी बाधा है.

भ्रष्टाचार से ज़्यादातर देश बहुत ही परेशान हैं

रिश्वतखोरी से मानवाधिकारों का उल्लंघन होता है

नवी पिल्लई ने मानवाधिकारों पर भ्रष्टाचार के नकारात्मक प्रभाव विषय पर जिनेवा में आयोजित एक संगोष्ठि में ये विचार व्यक्त किए.

उन्होंने कहा कि पारदर्शिता, जवाबदेही, भेदभाव का सफाया और सामुदायिक जीवन में सार्थक भागीदारी मानवाधिकार के बुनियादी सिद्धांत हैं और भ्रष्टाचार की वजह से इनका उल्लंघन होता है.

नवी पिल्लई का कहना था, “भ्रष्टाचार घातक है. हर वर्ष भ्रष्टाचार की वजह से जितने धन की चोरी होती है उससे दुनिया भर के ऐसे लोगों को 80 बार खाना खिलाया जा सकता है जिनके पास अपना पेट भरने के लिए दो जून की रोटी नसीब नहीं होती है.

“हर दिन लगभग 87 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्हें पेट पर पट्टी बाँधकर सोना पड़ता है क्योंकि उनके पास खाने के लिए कुछ नहीं होता. इनमें भारी संख्या बच्चों की है. भ्रष्टाचार की वजह से ऐसे भोजन के लिए उनके मानवाधिकार का उल्लंघन होता है, और कुछ मामलों में तो जीवन अधिकार ही संकट में पड़ जाता है.”

नवी पिल्दुलई के अनुसार दुनिया भर में स्वच्छ पानी उपलब्ध कराने की परियोजनाओं का लगभग 40 प्रतिशत धन रिश्वत खोरी और चोरी की भेंट चढ़ जाता है.

उन्होंने ये भी कहा कि चूँकि विकास और मानवाधिकारों पर भ्रष्टाचार का नकारात्मक असर चौतरफ़ा है, इसलिए इसका सामना करने के लिए प्रयास भी बहुमुखी होने चाहिए.

रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2000 से 2009 तक विकासशील देशों में ग़ैर क़ानूनी वित्तीय लेन-देन में 85 खरब अमरीकी डॉलर से भी ज़्यादा का नुक़सान हुआ. ये राशि उन देशों को मिली विदेशी सहायता का भी दस गुना थी.

 हूगो शावेज़ को महासभा की श्रद्धांजलि

वेनेज़ुएला के दिवंगत राष्ट्रपति  शावेज़

शावेज़ की समाजवादी नीतियाँ ख़ासी लोकप्रिय हुईं

संयुक्त राष्ट्र महासभा ने वेनेज़ुएला के दिवंगत राष्ट्रपति हूगो शावेज़ को श्रद्धांजलि अर्पित की है.

महासभा द्वारा आयोजित श्रद्धांजलि सभा का आरंभ हूगो शावेज़ की याद में कुछ देर का मौन रखने के साथ हुआ. शावेज़ का गत पाँच मार्च को निधन हो गया था.

महासभा के अध्यक्ष वूक जेरेमिक ने कहा कि इतिहास और समय हूगो शावेज़ को एक ऐसे नेता के रूप में याद रखेंगे जिनकी नीतियों की बदौलत वेनेज़ुएला में ग़रीबी की जो दर पिछली सदी के अंतिम दशक में 70 प्रतिशत तक थी, वो इस वर्ष तक कम होकर लगभग 20 प्रतिशत रह गई.

वुक जेरेमिक ने कहा,”राष्ट्रपति के तौर पर अपने पूरे कार्यकाल के दौरान हूगो शावेज़ सामाजिक न्याय के लिए समर्पित रहे. उन्होंने वेनेज़ुएला के नागरिकों का जीवन स्तर सुधारने के लिए बहुत मेहनत की. ख़ासतौर से बहुत ग़रीब लोगों के लिए हूगो शावेज़ ने बहुत काम किया.”

“हूगो शावेज़ के करिश्माई नेतृत्व में वेनेज़ुएला ने सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों (MDG) को पूरा करने में महत्वपूर्ण कामयाबी हासिल की, जिसका ऐतिहासिक फ़ायदा वेनेज़ुएला को मिला है.”

महासचिव बान की मून ने महासभा को संबोधित अपने वक्तव्य में हूगो शावेज़ को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हूगो ऐसे महान नेताओं में से थे जिन्होंने अपने देश में ही नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र और पूरी दुनिया में एक नया दौर शुरू किया.

बान की मून ने ये भी कहा कि हूगो शावेज़ मुश्किलों का सामना करने वाले देशों के साथ भी हमेशा हमदर्द रहे.

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