3/04/2014

सीएआर में और फ़ोर्स की ज़रूरत

सुनिए /

मध्य अफ्रीकी गणराज्य (CAR) में फिर से हिंसा में बढ़ोत्तरी के बाद भारी संख्या में संयुक्त राष्ट्र शान्ति सैनिक और पुलिस अधिकारियों की ज़रूरत बताई गई है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने ये अपील की थी जिसे अब मानवाधिकार उच्चायुक्त के कार्यालय ने भी दोहराया है.

मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय की एक पदाधिकारी सेसील पुईली ने जिनेवा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि 22 मार्च के बाद से अब तक 60 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं.

सेसील पुईली का कहना था, “राजधानी में बीते सप्ताहों के दौरान बलाका विरोधियों और मुसलमानों के बीच अनेक हिंसक झड़पें हो चुकी हैं.”

“27 मार्च को एक शोक सभा में हिस्सा लेने वाले लोगों पर फेंके गए बम फटने से कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई और 11 घायल हो गए. उससे पहले 22 और 23 मार्च को भी बलाका विरोधियों ने उसी इलाक़े पर हमला किया था जहाँ क़रीब 700 मुसलमान फँसे हुए थे.”

रैडक्रॉस का कहना है कि उसके बाद से भड़की हिंसा में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई है.

मध्य अफ्रीकी गणराज्य के लिए अफ्रीकी देशों के नेतृत्व वाले अन्तरराष्ट्रीय सहायता मिशन (MISCA) और फ्रेंच सेनाओं के अभियानों के दौरान भी मौतें होने की ख़बरें हैं.

इन सेनाओं ने संगारी नामक अभियान चलाया है. बलाका विरोधियों और अन्तरराष्ट्रीय सेनाओं के बीच भी तनाव बढ़ने और हिंसक झड़पें होने की ख़बरें हैं.

ऐसी भी ख़बरें हैं कि बलाका विरोधी ताक़तें अन्तरराष्ट्रीय सेनाओं के कर्मचारियों को निशाना बना रही हैं.