28/02/2014

फ़िलीपीन्स में ठोस मदद की ज़रूरत

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फ़िलीपीन्स में नवम्बर 2013 में आए हैयान तूफ़ान से जान-माल का भारी नुक़सान हुआ था जिसके बाद राहत और बचाव कार्यों में ख़ासी प्रगति हुई है.

लेकिन संयुक्त राष्ट्र आपदा राहत कार्यों की संयोजक वेलेरी एमोस का कहना है कि लोगों को इस हादसे से बाहर निकालने और उनके पुनर्वास के लिए अभी बहुत कुछ किए जाने की ज़रूरत बाक़ी है.

इस तूफ़ान में लगभग छह हज़ार लोगों की मौत हुई थी और चालीस लाख से ज़्यादा लोग बेघर हो गए.

फ़िलीपीन्स में अभी तक का ये सबसे ज़्यादा शक्तिशाली और ख़तरनाक तूफ़ान था.

फ़िलीपीन्स में संयुक्त राष्ट्र के आपदा राहत कार्यों के मिशन को समाप्त करते हुए संयोजक वेलेरी एमोस ने कहा कि तहस-नहस हो चुकी और बिखर चुकी ज़िन्दगियों को फिर से पटरी पर लाने के लिए अभी बहुत कुछ किए जाने की ज़रूरत है जिससे लोगों का भरोसा बहाल हो सके.

वेलेरी एमोस का कहना था, “हमने ये करके दिखाया है कि हम राहत और बचाव कार्यों में तेज़ी से प्रगति कर सकते हैं. ज़रूरतमन्द लोगों को रोज़मर्रा काम आने वाली चीज़ों के साथ-साथ उनके रहने के ठिकाने बनाने में भी मदद मुहैया कराई गई. लेकिन रहने के स्थानों की भारी क़िल्लत है और लोगों को स्थाई घर मुहैया कराने के लिए अब भी भारी धन और मदद की ज़रूरत है.”

“नवम्बर के तूफ़ान के बाद जिन लाखों लोगों को अस्थाई टैंटों में रखा गया था, उनमें से भी अनेक टैंट तो जनवरी में आए दो अन्य तूफ़ानों में तबाह हो गए थे. उसके बाद वहाँ से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर बसाना भारी-भरकम काम साबित हुआ है. इससे ये स्पष्ट हुआ है कि इन परिवारों को रहने के ऐसे ठिकाने मुहैया कराने की सख़्त ज़रूरत है जो लम्बी अवधि तक उनके आवास बन सकें और ये परिवार इस हादसे से उबर सकें.”

उन्होंने दानदाता देशों और संस्थाओं का आहवान किया कि वो फ़िलीपीन्स में राहत और बचाव कार्यों को सहयोग और समर्थन देते रहें ताकि देश में लम्बी अवधि के लिए टिकाऊ विकास का रास्ता खोला जा सके.

संयुक्त राष्ट्र ने फ़िलीपीन्स के लिए इस तूफ़ान से उबरने के वास्ते कुल 80 करोड़ डॉलर की रक़म के दान की अपील की थी जिसमें से अभी तक सिर्फ़ आधी रक़म इकट्ठा हुई है.

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