28/02/2014

भेदभाव बर्दाश्त नहीं

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इंसानों के बीच भेदभाव को ख़त्म करने के लिए एक मार्च को मनाए जाने वाले अन्तरराष्ट्रीय दिवस की तैयारियों के लिए दुनिया भर में लोगों से एक दूसरे के लिए सहिष्णुता, करुणा और दया दिखाने के लिए कहा गया है.

अन्तरराष्ट्रीय संगठन UNAIDS के कार्यकारी निदेशक माइकल सिदीबे ने चीन की राजधानी बेजिंग में चाईना रेड रिबन फाउंडेशन की मदद से इस दिवस की तैयारियों की शुरूआत करते हुए ये आहवान किया है.

इस अन्तरराष्ट्रीय दिवस को नाम दिया गया है – Zero Discrimination Day.

इस विश्व दिवस को समर्थन देने के लिए निजी कारोबारी, स्थानीय अधिकारी, सिविल सोसायटी और मशहूर हस्तियाँ भी मौजूद थे.

इस अवसर पर लगभग 30 बड़े उद्योग और कारोबारी नेताओं ने कामकाज के स्थानों पर भेदभाव को ख़त्म करने के लिए प्रयास करने के संकल्प पत्र पर हस्ताक्षर भी किए. इसी तरह के कार्यक्रम अन्य देशों में भी आयोजित किए जाएंगे.

UNAIDS का कहना है कि भेदभाव के डर की वजह से ही एच आई वी के परीक्षणों में बड़ी बाधाएँ आती हैं. इस वजह से एच आई वी से संक्रमित लोगों के इलाज और उनकी देखभाल में भी परेशानी और समस्या होती है क्योंकि इससे संक्रमित लोग समाज के भेदभाव से डरते हैं.

चीन में एच आई वी से संक्रमित लोगों को बहुत से क्षेत्रों में कामकाज और रोज़गार से वंचित रखा जाता है. यहाँ तक कि सरकारी प्रशासनिक सेवाओं यानी सिविल सर्विवेज़ में भी एच आई वी से संक्रमित लोगों को कामकाज के लिए नहीं चुना जाता है.

अन्तरराष्ट्रीय श्रम संगठन यानी आई एल ओ ने चीन में वर्ष 2011 में एक सर्वेक्षण कराया था जिसमें पता चला कि क़रीब 65 प्रतिशत व्यवसायी और उद्योगपति ये मानते हैं कि एच आई वी से संक्रमित लोगों को रोज़गार के समान अवसर नहीं मिलने चाहिए.