21/02/2014

मातृ भाषा में ज्ञान है बुनियादी ज़रूरत

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संयुक्त राष्ट्र शिक्षा, विज्ञान और सांस्कृतिक संगठन यानी यूनेस्को ने शुक्रवार 21 फ़रवरी को मातृ भाषा दिवस मनाया है.

इस अन्तरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस के मौक़े पर वैज्ञानिक शिक्षा और ज्ञान हासिल करने में अपनी भाषा या बोली की महत्ता को दर्शाया गया.

अन्तरराष्ट्रीय मातृ भाषा दिवस हर वर्ष 21 फ़रवरी को मनाया जाता है.

इस दिन विश्व भर में एक से ज़्यादा भाषाएँ सीखने के चलन को प्रोत्साहन देते हुए बहुभाषा और संस्कृति को भी बढ़ावा दिया जाता है.

दुनिया भर में जितनी भी भाषाएँ बोली जाती हैं उनके प्रयोग को बढ़ावा देने और उनके संरक्षण के लिए संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाना शुरू किया था.

इस वर्ष के अन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर विज्ञान शिक्षा और ज्ञान प्राप्ति में स्थानीय भाषाओं और बोलियों की महत्ता को दर्शाया गया.

यूनेस्को की महानिदेशक इरीना बोकोवा ने इस अवसर पर कहा कि ज्ञान प्राप्ति के माध्यम के तौर पर अगर किसी भाषा को हटा दिया जाता है तो उसका मतलब है कि उन लोगों को ज्ञान प्राप्ति से वंचित कर देना जो लोग उस भाषा विशेष को बोलते हैं क्योंकि वो भाषा ही उनके विज्ञान शिक्षा प्राप्ति का माध्यम बनती है जो उनका बुनियादी मानवाधिकार भी है.