14/02/2014

आईसीटी निर्यात में एशिया आगे

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संयुक्त राष्ट्र की व्यापार एजेंसी अंकटाड ने कहा है कि दुनिया भर में इन्फ़ॉर्मेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी – आईसीटी (सूचना और संचार प्रोद्योगिकी) के सामान का सबसे ज़्यादा निर्यात और आयात एशियाई देशों में होता है.

अंकटाड ने वर्ष 2012 की रिपोर्ट जारी की है जिसमें कहा गया है कि दुनिया भर में आई सी टी उप्तादों के आयात-निर्यात का कारोबार दो ट्रिलियन यानी 20 खरब डॉलर तक पहुँच गया है. (एक ट्रिलियन दस खरब के बराबर होता है.)

दुनिया भर में जिन आईसीटी उत्पादों का आयात – निर्यात होता है उनमें मोबाइल फ़ोन, स्मार्टफ़ोन, लैपटॉप कम्प्यूटर, टेबलेट कम्प्यूटर, चिप्स और माइक्रोचिप्स जैसे सामान भारी मात्रा में शामिल हैं.

अंकटाड में आईसीटी मामलों के एक विश्लेषक टॉर्बयोन फ्रेडरिक्सन का कहना है कि आईसीटी के सामान के निर्यात और आयात में एशिया के विकासशील देश बढ़त लिए हुए हैं, इनमें भी चीन सबसे आगे हैं.

फ्रेडरिक्सन का कहना है, “अगर हम आईसीटी सामान के निर्यातकों पर नज़र डालें तो साफ़तौर पर चीन सबसे आगे हैं. वर्ष 2012 में आईसीटी के जितने सामान का निर्यात हुआ उसमें 30 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ़ चीन का रहा यानी इतना सामान अकेले चीन ने किया.”

“चीन के बाद अन्य पूर्वी एशियाई देश भी काफ़ी आगे रहे जिनमें हांगकांग, सिंगापुर, ताईवान और कोरिया प्रमुख हैं. इनके अलावा मलेशिया, थाईलैंड और फिलीपीन्स जैसे दक्षिण-पूर्वी एशियाई देश भी आईसीटी सामान के निर्यात में काफ़ी अहम भूमिका निभा रहे हैं."

उन्होंने कहा कि एशिया अब आईसीटी सामान के उत्पादन में भी अन्य देशों को कड़ी टक्कर देने लगा है.

रिपोर्ट कहती है कि दुनिया भर में कम्प्यूटर चिप्स और माइक्रोचिप्स के बाद मोबाइल फ़ोन ऐसे आईसीटी उत्पाद हैं जिनकी सबसे ज़्यादा बिक्री होती है.

इस कारोबार की क़ीमत क़रीब 190 अरब डॉलर है.