14/02/2014

भेदभाव की वजह से विकास बेकार

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संयुक्त राष्ट्र की एक ताज़ा रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया भर में अच्छा स्वास्थ्य और लम्बी उम्र पाने की दिशा में पिछले 20 वर्षों में जो उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं, लोगों के बीच बढ़ती असमानता की वजह से उन उपलब्धियों की अहमियत कम हो रही है.

संयुक्त राष्ट्र की International Conference on Population and Development beyond 2014 (ICPD) ताज़ा वैश्विक रिपोर्ट कहती है कि तमाम देशों की सरकारों को ऐसे क़ानून बनाकर सख़्ती से लागू करने होंगे कि ग़रीब और कमज़ोर लोगों को विकास के फ़ायदे मिल सकें.

रिपोर्ट ध्यान दिलाती है कि विकास के फ़ायदों के दायरे में ऐसी किशोर लड़कियों और महिलाओं को भी शामिल करना होगा जो हिंसा से प्रभावित हैं. इनके अलावा ग्रामीण इलाक़ों में रहने वाले लोगों को भी विकास का फ़ायदा पहुँचाना बहुत ज़रूरी है.

संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) के कार्यकारी निदेशक बाबाट्यून्डे ओसोटीमेहीन का कहना था कि गर्भवती महिलाओं या बच्चों को जन्म देते समय महिलाओं की मौत होने के मामलों में काफ़ी कमी हुई है. साथ ही लड़कियों और महिलाओं को शिक्षा मुहैया कराने के मामलों में भी बढ़ोत्तरी हुई.

उनका कहना था कि इन उपलब्धियों पर सन्तोष किया जा सकता है लेकिन अफ़सोस की बात ये है कि इन उपलब्धियों का फ़ायदा सभी को समान रूप में नहीं मिल पा रहा है, "रिपोर्ट बताती है कि लोगों के बीच भेदभाव और असमानता इतनी गहराई से बैठी हुई है जो विकास की गाड़ी को पटरी से उतारने या उसकी रफ़्तार को बाधित करने के लिए काफ़ी है.”

“अनेक क्षेत्रों और देशों में विकास और प्रगति का फ़ायदा सिर्फ़ थोड़े से धनवान लोगों को ही मिल रहा है. जबकि इसके उलट भारी संख्या में लोगों को विकास और प्रगति के फ़ायदों से वंचित किया जा रहा है. वर्ष 1998 से 2008 के दशक में दुनिया भर में जो आमदनी दर्ज की गई उसका लगभग आधा हिस्सा ऐसे धनी लोगों तक पहुँचा जिनकी संख्या पूरी आबादी का सिर्फ़ पाँच प्रतिशत थी. यानी दुनिया के इन पाँच प्रतिशत धनी लोगों ने पचास प्रतिशत धन या संसाधनों पर क़ब्ज़ा कर लिया.”

बाबाड्यून्डे का कहना था कि विडम्बना तो ये है कि अत्यधिक ग़रीबी और कष्ट में जीवन जीने वाली दस प्रतिशत आबादी तक तो इस आमदनी का ज़र्रा भर भी नहीं पहुँचा और यहीं से कभी ना ख़त्म होने वाली इस असमानता का जन्म होता है."

रिपोर्ट कहती है कि पिछले बीस वर्षों में जो विकास उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं उनके फ़ायदे सभी लोगों को तब तक सुनिश्चित नहीं किए जा सकते जब तक कि तमाम देशों की सरकारों लोगों के बीच असमानता को ख़त्म नहीं करती हैं.

ख़ासतौर से ग़रीब और बहुत ही कमज़ोर स्थिति में रहने वाले लोगों तक विकास के फ़ायदे पहुँचाना बहुत ज़रूरी है.

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