24/01/2014

लड़कियों के विकास पर ख़र्च बढ़ाया जाए

सुनिए /

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा है कि विकासशील देशों में किशोर लड़कियों के विकास के लिए धन ख़र्च बढ़ाने से सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों यानी MDGs को हासिल करने में भारी मदद मिल सकती है.

स्विटज़रलैंड के डावोस शहर में विश्व आर्थिक मंच की बैठक को सम्बोधित करते हुए बान की मून ने कहा कि सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों को हासिल करने की समय सीमा ख़त्म होने में अब सिर्फ़ 700 दिन ही बचे हैं.

दुनिया भर में ग़रीबी दूर करने और महिलाओं और पुरुषों के बीच असमानता समाप्त करने के लिए वर्ष 2000 में विश्व नेताओं ने सहस्राब्दि विकास लक्ष्य यानी MDGs निर्धारित किए थे जिन्हें हासिल करने की समय सीमा वर्ष 2015 रखी थी.

बान की मून ने कहा कि विश्व नेताओं को स्थिति का जायज़ा लेते हुए इस दिशा में बिना देरी किए ठोस प्रयास करने होंगे.

बान की मून का कहना था, “हालात का तक़ाज़ा है कि विकासशील देशों में रहने वाली 50 करोड़ से भी ज़्यादा किशोर लड़कियों के विकास के लिए समुचित धन ख़र्च किया जाए.”

“ये लड़कियाँ तमाम सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों के एजेंडा में ठोस प्रगति सुनिश्चित करने में मददगार साबित हो सकती हैं. हम सभी ये तो भली-भाँति समझते हैं कि जब किसी एक लड़की को बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा मिलते हैं तो उसके सकारात्मक असर सिर्फ़ लड़की तक ही सीमित नहीं रहते बल्कि अन्य नागरिकों तक भी पहुँचते हैं."

महासचिव बान की मून ने ये भी कहा कि एक लड़की हमारे समाज के लिए उसी तरह महत्वपूर्ण और मूल्यवान है जिस तरह से किसी जंगल में एक-एक पेड़ मूल्यवान होता है.