17/01/2014

सीरिया के लिए 2.4 अरब डॉलर का वादा

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क़रीब तीन वर्ष से गृहयुद्ध से जूझ रहे सीरिया में मानवीय मदद पहुँचाने के वास्ते अनेक देशों ने दो अरब 40 करोड़ डॉलर की रक़म मुहैया कराने का वादा किया है.

सीरिया मुद्दे पर कुवैत में संयुक्त राष्ट्र की अगुवाई में हुए एक सम्मेलन में भाग लेने आए प्रतिनिधियों ने सीरिया में मानवीय सहायता कार्यक्रमों के लिए ये रक़म उपलब्ध कराने का वादा किया है.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इस सम्मेलन के बाद जानकारी देते हुए बताया कि ये शुरूआती आकलन है और इस राशि में और इज़ाफ़ा हो सकता है.

उन्होंने कहा कि देशों और संगठनों ने ये सहायता राशि मुहैया कराने का जो वादा किया है, उससे साबित होता है कि ख़ूनी संघर्ष में अथाह तकलीफ़ों का सामना कर रहे सीरिया के लोगों को अन्तरराष्ट्रीय समुदाय ने भुलाया नहीं है.

बान की मून ने कहा कि इस राशि से मानवीय सहायता मुहैया कराने वाली एजेंसियों को तुरन्त ज़रूरत वाले क्षेत्रों में सहायता पहुँचाना आसान हो जाएगा.

उन्होंने कहा कि सीरिया में भीषण संकट की वजह से लोगों को जो भारी तबाही और तकलीफ़ों का सामना करना पड़ रहा है, उसे कम करने में ये सहायता राशि कुछ मददगार साबित हो सकेगी.

मानवीय सहायता पहुँचाने में प्राथमिकता तय करने में सीरिया के भीतर ही उन लोगों तक भोजन सामग्री पहुँचाना शामिल है जिनके पास खाने-पीने का सामान उपलब्ध नहीं है.

इनके अलावा ज़ख़्मी होने वाले लोगों और भावनात्मक तकलीफ़ों के शिकार लोगों के इलाज के लिए दवाइयाँ और चिकित्सा उपकरण पहुँचाना भी अत्यन्त ज़रूरी है.

ग़ौरतलब है कि सीरिया में क़रीब तीन वर्षों से जारी गृहयुद्ध में एक लाख से भी ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

इनके अलावा क़रीब एक करोड़ दस लाख लोगों को मानवीय सहायता की सख़्त ज़रूरत है.

इनमें सीरिया के भीतर रहने वाले और पड़ोसी देशों में पनाह लेने वाले सीरियाई नागरिक शामिल हैं.

ये आँकड़े इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि सीरिया की कुल आबादी लगभग सवा दो करोड़ है जिसमें से आधी आबादी भीषण तकलीफ़ों का सामना कर रही है. उसमें भी एक लाख से ज़्यादा लोगों की मौत होना इस संकट की भीषणता और गम्भीरता को दर्शाता है.

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2014 में सीरिया संकट में मदद पहुँचाने के लिए क़रीब साढ़े छह अरब डॉलर की सहायता राशि की अपील की है.