10/01/2014

खाद्य पदार्थ महंगाई के साथ स्थिर

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बीते वर्ष यानी 2013 में खाद्य पदार्थों की क़ीमतों में कुछ उछाल तो आया लेकिन वो स्थिर भी रहीं.

खाद्य और कृषि संगठन यानी (FAO) का कहना है कि ख़ासतौर से नवम्बर और दिसम्बर महीनों में खाद्य पदार्थों के मूल्य सूचकांक के औसत में कोई ख़ास परिवर्तन नहीं देखा गया और वो 206.7 पर रहा.

हालाँकि संगठन के वरिष्ठ अर्थशास्त्री अब्दुल रज़ा अब्बासियान ने आगाह भी किया कि पूरे वर्ष की क़ीमतों का आकलन करने में कुछ सावधानियाँ भी बरती जानी चाहिए.

उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड स्तर के उत्पादन और भरपूर आपूर्ति की बदौलत अनाज और चीनी जैसे कुछ सामान की क़ीमतों में काफ़ी गिरावट भी दर्ज की गई.

अब्दुल रज़ा अब्बासियान का कहना था, "सामान की आपूर्ति में आई बेहतरी की वजह से अनाज और चीनी की क़ीमतों में ये बड़ा सुधार देखा गया है.

लेकिन दूसरी तरफ़ उच्च प्रोटीन वाले खाद्य पदार्थों की क़ीमतों में भारी उछाल भी देखा गया. इनमें माँस और दुग्ध उत्पाद शामिल हैं."

"मिसाल के तौर पर बीत वर्ष यानी 2013 में खाद्य पदार्थों की क़ीमतें ऊँचाई के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच गईं. यानी ये महंगाई कई महीनों तक ऊपर की तरफ़ ही बढ़ती रही है."

उन्होंने कहा कि साफ़ सी बात है कि महंगाई बढ़ने की वजह है उत्पादों की माँग बढ़ना. ख़ासतौर से एशियाई देशों में बढ़ती माँग की वजह से ये सब हुआ है."

उन्होंने कहा कि अब ऐसा भी देखा जा रहा है कि इन पदार्थों की माँग में कुछ कमी आई है जिससे इनकी क़ीमतें भी कुछ नीचे आ रही हैं.