3/01/2014

दक्षिणी सूडान में मानवाधिकार उल्लंघन मामलों की जाँच

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संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार पदाधिकारी दक्षिणी सूडान में मानवाधिकार उल्लंघन की घटनाओं के बारे में जानकारी एकत्र करने के लिए दिन-रात बिना रुके काम कर रहे हैं.

दक्षिणी सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के प्रवक्ता जोसेफ़ कोन्ट्रियाज़ ने गुरूवार को बताया कि अनुमानों के अनुसार हाल में पैदा हुई राजनीतिक अशान्ति के दौरान एक हज़ार से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई है.

जोसेफ़ कोट्रियाज़ ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र मिशन को ऐसे सबूत और चश्मदीद गवाह मिले हैं जिनसे ये आरोप पुख़्ता होते हैं कि बहुत से लोगों की सरकारी एजेंसियों की हिरासत में मौत हुई है.

उन्होंने बताया कि बहुत सी महिलाओं के साथ बलात्कार होने की भी ख़बरें मिली हैं और बहुत से लोगों को जबरन बन्दी बनाकर उन्हें प्रताड़ित करने के मामलों की भी जानकारी मिली है.

जोसेफ़ कोन्ट्रियाज़ का कहना था, "हमारे मानवाधिकार कार्यकर्ता और पदाधिकारी दक्षिणी सूडान के उन क्षेत्रों में लगातार काम कर रहे हैं जहाँ सबसे ज़्यादा भीषण लड़ाई होने की ख़बरें हैं. उन क्षेत्रों में लोगों पर अत्याचार और प्रताड़ना के मामलों की जानकारी एकत्र की जा रही है और दस्तावेज़ एकत्र किए जा रहे हैं.”

“कितने लोग इन अत्याचारों और प्रताड़ना के शिकार हुए हैं अभी इस बारे में ठोस जानकारी नहीं मिली है. 15 दिसम्बर को संकट शुरू होने के बाद से सही जानकारी एकत्र करना ख़ासा मुश्किल काम रहा है."

ग़ौरतलब है कि दक्षिणी सूडान दुनिया का सबसे नवगठित देश है और वहाँ पैदा हुए मौजूदा राजनीतिक संकट की वजह से दो लाख से भी ज़्यादा लोग विस्थापित हुए हैं.

क़रीब 57 हज़ार आम लोगों को दक्षिणी सूडान में ही संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित शिविरों और शरणस्थलों में पनाह लेनी पड़ी है.

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