13/12/2013

विकास लक्ष्यों में बड़ी बाधा है भ्रष्टाचार

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भ्रष्टाचार सहस्राब्दि विकास लक्ष्य हासिल करने की राह में एक बड़ी बाधा है.

वर्ष 2009 से भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ दुनिया भर में जागरूकता अभियान चला रहीं संयुक्त राष्ट्र की दो एजेंसियों ने एक ताज़ा रिपोर्ट में ये चेतावनी दी है.

नशीले पदार्थों और अपराध पर संयुक्त राष्ट्र के कार्यालय – UNODC और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम – UNDP का मानना है कि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुके कुल धन का अगर सिर्फ़ 10 प्रतिशत हिस्सा भी विकास कार्यों में लगा दिया जाए तो सभी सहस्राब्दि विकास लक्ष्यों को 2015 तक आसानी से हासिल किया जा सकता है.

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अभियान के तहत 9 दिसम्बर को अन्तरराष्ट्रीय भ्रष्टाचार विरोधी दिवस भी मनाया गया.

इस अवसर पर 2013 के लिए भ्रष्टाचार विरोधी अभियान शुरू किया गया जिसे नाम दिया गया – ज़ीरो भ्रष्टाचार, 100 प्रतिशत विकास.

संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम में भ्रष्टाचार विरोधी मामलों के लि सलाहकार इसराइल मैरानॉन का कहना था, "दानदाताओं से जो धनराशि हमें मिलती है और उसका जो बड़ा हिस्सा हम अपने कार्यक्रमों और परियोजनाओं में ख़र्च करते हैं, उसमें एक बड़ी चिन्ता की बात ये है कि ये धनराशि उन तक नहीं पहुँच पाती जिन्हें मिलनी चाहिए. ये धनराशि बीच में ही हड़प ली जाती है."

"हड़पे जाने का मतलब है कि उसे बीच में ही भ्रष्ट लोग खा जाते हैं जो इस धनराशि को ख़र्च करने की प्रक्रिया में शामिल होते हैं. कुछ तो ऐसे देश हैं जहाँ इस तरह का भ्रष्टाचार बहुत गम्भीर समस्या है. इसलिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ इस लड़ाई को बहुत महत्ता दे रहा है. क्योंकि हम अगर भ्रष्टाचार का मुक़ाबला कर पाते हैं तो इसका साफ़ मतलब है कि हम वो बहुत से संसाधन बचा लेंगे भ्रष्ट लोगों की भेंट चढ़ जाते हैं."

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जागरूकता बढ़ाने का इस अभियान का विचार रवान्डा के एक किशोर लोइक क्रिश्चियन मुहुन्डे से आया जिसने ये जागरूकता अभियान की रूपरेखा बनाने की प्रतियोगिता जीती थी.