15/11/2013

विश्व डायबटिक दिवस पर स्वस्थ जीवन शैली की हिमायत

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गुरूवार को विश्व डायबटिक दिवस मनाया गया जिसके ज़रिए दुनिया भर में डायबटीज़ की बढ़ती रफ़्तार पर चिन्ता जताए हुए जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने इस अवसर पर तमाम देशों का आहवान करते हुए कहा कि वो इस तरह के खाद्य पदार्थों के उत्पादन को बढ़ावा देने और लोगों को उन्हें खाने-पीने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास करें जिससे डायबटीज़ को कम करने में मदद मिल सके.

14 नवम्बर को मनाए गए विश्व डायबटीज़ दिवस के अवसर पर अपने सन्देश में बान की मून ने कहा कि इन प्रयासों से लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने में मदद मिलेगी और अन्ततः पृथ्वी के भविष्य को ज़्यादा स्थिर और टिकाऊ बनाया जा सकेगा.

महासचिव ने कहा कि डायबटीज़ के जिन मरीज़ों को समय पर इलाज की सुविधा नहीं मिल पाती है तो अक्सर दिल का दौरा पड़ने या किडनी नाकाम हो जाने की वजह से मौत का शिकार हो जाते हैं.

जबकि डायबटीज़ के बहुत से अन्य मरीज़ों की आँखों की रौशनी चली जाती है और बहुत से मरीज़ विकलांगता के शिकार हो जाते हैं.

महासचिव ने कहा कि बहुत से देशों ने अगले दशक के दौरान डायबटीज़ के मरीज़ों को चिकित्सा सुविधा और ज़रूरी दवाएँ मुहैया कराने का संकल्प व्यक्त किया है.

ध्यान देने की बात है कि दुनिया भर में लगभग 35 करोड़ लोग डायबटीज़ के मरीज़ हैं. ये बीमारी तब होती है जब पैनक्रियाज़ इंसुलिन बनाना बन्द कर देते हैं. इंसुलिन रक्त में मौजूद शुगर की मात्रा को नियमित और नियंत्रित करती है.

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