1/11/2013

इसराइल से फ़लस्तीनी इलाक़ों में यहूदी बस्तियों के विस्तार पर रोक की माँग

सुनिए /

फ़लस्तीनी इलाक़ों में मानवाधिकार स्थिति पर संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत रिचर्ड फॉक ने कहा है कि इसराइल को क़ब्ज़ा किए हुए फ़लस्तीनी इलाक़ों में यहूदी बस्तियाँ बसाना तुरन्त बन्द कर देना चाहिए.

संयुक्त राष्ट्र महासभा की सामाजिक, मानवीय और सांस्कृतिक समिति को सौंपी अपनी ताज़ा रिपोर्ट उन्होंने कहा है कि फ़लस्तीनी-इसराइली संघर्ष का मौजूदा कूटनीति से अगर कोई हल नहीं निकल पाता है तो संयुक्त राष्ट्र महासभा को International Court of Justice यानी अन्तरराष्ट्रीय न्यायाधिकरण से फ़लस्तीनी इलाक़ों पर इसराइल के क़ब्ज़े के क़ानूनी परिणामों पर सलाह-मश्विरा करना चाहिए.

ग़ौरतलब है कि इसराइल ने 1967 की लड़ाई के बाद से ही फ़लस्तीन के अनेक इलाक़ों पर क़ब्ज़ा कर रखा है और रिचर्ड फॉक इस दौरान के समय में फ़लस्तीनी इलाक़ों में मानवाधिकार स्थिति पर विशेष दूत हैं.

उन्होंने कहा कि इसराइल को फ़लस्तीनी इलाक़ों में यहूदी बस्तियों का विस्तार ना सिर्फ़ तुरन्त रोक देना चाहिए बल्कि वहाँ पहले से बसाए जा चुके इसराइलियों को वहाँ से हटाकर इसराइल की मुख्य ज़मीन पर वापिस भेज देना चाहिए.

रिचर्ड फॉक का कहना था कि इसराइल ने 1967 से ही फ़लस्तीनी इलाक़ों में जो यहूदी बस्तियों के विस्तार की गतिविधियाँ चलाई हुई हैं उनसे फ़लस्तीनियों को बहुत परेशानियाँ और तकलीफ़ें हुई हैं.

फ़लस्तीनी इलाक़ों से यहूदी बस्तियाँ हटाए जाने से यक़ीनन फ़लस्तीनियों को कुछ राहत मिलेगी. रिचर्ड फॉक का कहना था, "ये बहुत ज़रूरी है कि इसराइल अपनी वैश्विक कम्पनियों की देश में इकाइयों और उनकी सहयोगी कम्पनियों को स्पष्ट हिदायत दे कि वो अपनी कोर्पोरेट जिम्मेदारियों को निभाएँ और उन्हें ये भी बताया जाए कि अन्तरराष्ट्रीय क़ानून के उल्लंघन में शामिल होने के लिए उन्हें अन्य देशों की अदालतों में भी ज़िम्मेदार ठहराया जा सकता है."

"इसराइल को ये भी बताया जाए कि इसराइल अपनी ऐसी तमाम नीतियों और गतिविधियों को तुरन्त बन्द करे जिनके ज़रिए वो फ़लस्तीनियों के जायज़ अधिकारों का हनन करता है. इसराइल की इन नीतियों की वजह से फ़लस्तीनियों को पश्चिमी तट और ग़ाज़ा पट्टी में समुचित मात्रा में पानी नहीं मिल पाता है."

उन्होंने फ़लस्तीनी इलाक़ों में यहूदी बस्तियों से सम्बन्धित तमाम कम्पनियों से अन्तरराष्ट्रीय क़ानून और कारोबार करते समय मानवाधिकार सुनिश्चित करने की हिदायत देने वाले दिशा-निर्देशों का भी सम्मान किए जाने का आहवान किया.

Loading the player ...

कनेक्ट