11/10/2013

लीबिया में सबकी हिस्सेदारी की पुकार

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने लीबिया में हो रहे राजनीतिक बदलाव में सभी की हिस्सेदारी का आहवान करते हुए कहा है कि वहाँ लोकतान्त्रिक प्रक्रिया को मज़बूत करने की ज़रूरत है.

महासचिव ने लीबिया के प्रधानमंत्री अली ज़ैदान के अपहरण की निन्दा की और उनकी रिहाई पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र लीबिया सरकार को समर्थन देना जारी रखेगा.

इससे पहले ब्रुनेई में दक्षिण पूर्वी देशों के संगठन आसियान के सम्मेलन के दौरान एक पत्रकार सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में महासचिव बान की मून ने कहा कि लीबिया अकेला ऐसा देश नहीं है जहाँ हालात बेहद विस्फोटक हैं.

उन्होंने कहा कि बहुत से देशों में लोकतंत्र की तरफ़ झुकाव बढ़ा है और उन देशों में लोकतंत्र स्थापना के लिए बदलाव हो रहे हैं, लेकिन चिन्ता की बात ये है कि इस बदलाव के लिए हिंसा और राजनीतिक अस्थिरता भी जारी है.

महासचिव बान की मून का कहना था, “लीबिया की सरकार और नेतृत्व के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि वो ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को बातचीत और सुलह-सफ़ाई की प्रक्रिया में शामिल करें ताकि वास्तव में ज़्यादा से ज़्यादा लोग राजनीतिक प्रक्रिया में हिस्सेदारी कर सकें.”

“संयुक्त राष्ट्र तो लीबिया सरकार को समर्थन देना जारी रखेगा. ये एक बड़े अफ़सोस की बात है कि लीबिया के प्रधानमंत्री का अपहरण किया गया. ये ना सिर्फ़ लीबिया बल्कि अन्य देशों के लिए भी एक ख़बरदार करने वाली और चेताने वाली घटना है.”

महासचिव बान की मून ने ये भी कहा कि लीबिया में संयुक्त राष्ट्र का सहायता मिशन लीबियाई सरकार और पड़ोसी देशों के साथ मिलकर तमाम तरह की सम्भव सहायता देने के लिए काम कर रहा है.

ये सहायता राजनीतिक स्थिरता लाने और क़ानून का शासन स्थापित करने के लिए है.

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र लीबिया में सामाजिक-आर्थिक मदद भी दे रहा है ताकि लीबिया के लोग राजनीतिक प्रक्रिया में रचनात्मक और सकारात्मक भूमिका निभा सकें.