4/10/2013

गाँधी जयन्ती पर मना अहिंसा दिवस

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने दुनिया भर के लोगों को प्रोत्साहित करते हुए कहा है कि सभी मिलकर एक ऐसी दुनिया बनाने के लिए काम करें जिसमें सभी के लिए टिकाऊ न्याय, शान्ति और ख़ुशहाली हो.

महासचिव ने ये सन्देश दो अक्तूबर को अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के अवसर पर दिया. ग़ौरतलब है कि दो अक्तूबर को महात्मा गाँधी की जयन्ती भी होती है और उसी दिन ये अन्तरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया गया.

महासचिव बान की मून का कहना था, "गाँधी ने दिखाया कि दमन, अन्याय और नफ़रत के ख़िलाफ़ शान्तपूर्ण तरीक़े से विरोध प्रकट करने में कितनी ताक़त होती है. गाँधी के जीवन ने अन्य इतिहास निर्माताओं को भी प्रेरित किया है जिनमें मार्टिन लूथर किंग जूनियर, वैक्लैव हेवेल, रिगोबर्ता मेन्चू और नेलसन मंडेला भी शामिल हैं."

"इन नेताओं ने हम सभी के लिए सन्देश दिया है कि मानव सम्मान को बढ़ावा दिया जाए और असहिष्णुता कम करके सहनशीलता बढ़ाने की ज़रूरत है."

महासचिव बान की मून ने ये भी कहा कि अहिंसा बड़ा ताक़तवर हथियार है क्योंकि इसमें अन्याय, भेदभाव और क्रूरता के ख़िलाफ़ मज़बूती से खड़ा होने का संकल्प शामिल होता है.

अहिंसा के सिद्धान्त में मानवाधिकारों और व्यक्तियों की भिन्नता के लिए सम्मान की माँग करना भी शामिल होता है.

महासचिव ने कहा कि हिंसा को समाप्त करने का महाकार्य हम सभी से शुरू हो सकता है और ये शुरूआत कहीं से भी हो सकती है यानी घर से, स्कूल से या कामकाज के स्थान से.

उन्होंने कहा कि जिस तरह से हिंसा तेज़ी से फैलने वाली बीमारी की तरह है, उसी तरह से शान्ति के लिए बातचीत शुरू करना और आगे बढ़ाना उससे भी ज़्यादा ताक़तवर होता है.

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