27/09/2013

सीरिया संकट का सैनिक हल नहीं

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संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने फिर दोहराते हुए कहा है कि सीरिया के राजनीतिक संकट का कोई सैनिक समाधान सम्भव नहीं है.

इस संकट से निकलने और सीरिया में फिर से शान्ति क़ायम करने और वहाँ के लोगों की मदद करने का एक मात्र रास्ता बातचीत के ज़रिए राजनीतिक समाधान खोजना है.

इसमें राजनीतिक समझौते भी करने पड़ेंगे. महासचिव बान की मून ने फ्रेन्ड्स ऑफ़ सीरियन पीपुल यानी सीरियाई लोगों के दोस्त नामक संगठन की गुरूवार को हुई बैठक में ये सन्देश दिया.

बुधवार को महासचिव बान की मून और सुरक्षा परिषद के पाँच स्थाई सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों के लिए परम्परागत भोज का आयोजन किया गया.

इन पाँच देशों के विदेश मंत्रियों में ये सहमति हुई कि एक साथ मिलकर और अलग-अलग भी ये कोशिश करेंगे कि जिनेवा सम्मेलन में सीरिया से सम्बद्ध पक्ष हिस्सा लेने के लिए ज़रूर आएँ.

कोशिश ये भी रहेगी कि सभी सम्बद्ध पक्ष खुले दिल से इस सम्मेलन में हिस्सा लेने आएँ और खुली बातचीत के लिए तैयार रहें.

महासचिव बान की मून का सन्देश राजनीतिक मामलों के सहायक महासचिव ऑस्कर फ़र्नान्डेज़ तरान्को ने पढ़कर सुनाया…

"सीरिया मुद्दे पर होने वाले जिनेवा सम्मेलन में बातचीत के लिए हालात पैदा किए जाएंगे. महासचिव का ये ठोस रूप में मानना है कि जिनेवा सम्मेलन बहुत जल्द हो सकता है और इसमें सीरिया संकट का कूटनीतिक हल निकालने के लिए कामयाबी हासिल हो सकती है."

"सीरियाई लोगों ने बहुत मुश्किलों और तकलीफ़ों का सामना किया है. अब समय आ गया है कि तमाम मतभेद भुला दिए जाएँ और कूटनीतिक पहल की जाए. यहाँ मौजूद सभी नेता इतने नादान नहीं हैं कि सीरिया संकट के शान्तिपूर्ण समाधान के लिए दरपेश चुनौतियों को ना समझ सकें.”

उन्होंने कहा कि ऐसे भी बहुत से तत्व मिल जाएंगे जो शान्ति प्रक्रिया में रुकावट खड़ी करना चाहेंगे, जबकि बहुत से ऐसे भी होंगे जो शान्ति प्रक्रिया के महत्व को ही नकार देंगे.

महासचिव बान की मून ने उम्मीद जताई कि गुरूवार की इस बैठक में से ऐसा रास्ता निकलेगा जिसके ज़रिए सीरिया के राष्ट्रीय गठबन्धन को जिनेवा सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा.

उन्होंने कहा कि ये बात समझने की है कि सीरिया में शान्ति स्थापना के उद्देश्य से होने वाले जिनेवा सम्मेलन की सफलता के लिए सीरिया के राष्ट्रीय गठबन्धन की भूमिका बहुत मायने रखती है.