6/09/2013

मानवीय संकट रोकने की पुकार

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संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त – यूएनएचसीआर और सीरिया के चार पड़ोसी देशों की सरकारों ने अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से गुहार लगाई है कि सीरिया में हो रही भीषण लड़ाई से पैदा हुए मानवीय संकट को रोकने के लिए ठोस क़दम उठाने की तुरन्त ज़रूरत है.

ये चार देश वो हैं जहाँ सीरिया से भाग रहे लोगों ने पनाह ली हुई है. इनके नाम हैं इराक़, जॉर्डन, लेबनान और तुर्की.

इन देशों के मंत्रियों ने जिनेवा में शरणार्थी उच्चायुक्त के साथ बुधवार को बैठक करके सीरिया संकट से क्षेत्र में पैदा हुई मानवीय त्रासदी पर चर्चा की.

इन मंत्रियों ने बताया कि सीरिया से अभी तक लगभग बीस लाख लोग भागकर पड़ोसी देशों में पनाह ले चुके हैं इसलिए उस पूरे क्षेत्र को अन्तरराष्ट्रीय सहायता तुरन्त बढ़ाई जानी चाहिए.

इस मीटिंग के बाद एक संयुक्त वक्तव्य शरणार्थी उच्चायुक्त अंतोनियो ग्यूटर्स ने पढ़कर सुनाया जिसमें कहा गया, "सीरिया लड़ाई में अब एक बहुत ही गम्भीर मोड़ आ गया है जब रसायनिक हथियारों के इस्तेमाल के आरोप लगाए जाने लगे हैं."

"हम अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से ज़ोरदार अपील करते हैं कि वो अपने मतभेद भुलाकर सीरिया संकट का समाधान निकालने के लिए गम्भीरता से काम करें. ऐसे सभी कारणों को रोकना होगा जिनकी वजह से सीरिया से लोग भागकर पड़ोसी देशों में पनाह ले रहे हैं."

वक्तव्य में कहा गया कि "सीरिया संकट की भयावहता को रोकने का एक मात्र तरीक़ा राजनीतिक हल ही हो सकता है जिसके लिए बिना किसी देर के ठोस क़दम उठाने होंगे. सीरिया संकट का कोई मानवीय समाधान नहीं हो सकता बल्कि इस मानवीय संकट को सिर्फ़ राजनीतिक समाधान के ज़रिए ही रोका जा सकता है."

सीरिया संकट से पैदा हुए शरणार्थी संकट पर और गहनता से विचार करने के लिए तीस सितम्बर को एक और अहम मीटिंग बुलाई गई है जिसमें क्षेत्रीय देशों के मंत्रियों और यूएनएचसीआर की कार्यकारी कमेटी की वार्षिक बैठक में सीरिया संकट पर चर्चा होगी.