6/09/2013

सीटीबीटी पर अमल के लिए कोशिश

सुनिए /

परमाणु परीक्षणों पर पाबन्दी लगाने वाली सन्धि को लागू करवाने के लिए प्रयासरत संयुक्त राष्ट्र एजेंसी के नए कार्यकारी सचिव लसीना ज़रबो ने कहा है कि इस सन्धि पर सभी देशों के हस्ताक्षर करवाने और इसे लागू करने के लिए ठोस कोशिश लगातार जारी रहेगी.

बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में लसीना ज़रबो ने कहा कि दुनिया भर के लगभग 90 प्रतिशत देशों ने सीटीबीटी पर दस्तख़त कर दिए हैं यानी उसे मंज़ूर करते हुए परमाणु परीक्षण बन्द कर दिए हैं.

दूसरे शब्दों में कहें तो 183 देशों ने परमाणु परीक्षण प्रतिबन्ध सन्धि पर दस्तख़त कर दिए हैं. इन 183 देशों में से 159 की संसदों ने भी सीटीबीटी को मंज़ूर कर दिया है.

हालाँकि उन्होंने ये भी कहा कि सीटीबीटी को पूरी तरह से लागू करने के लिए ज़रूरी है कि बाक़ी आठ देश भी इस पर हस्ताक्षर करें.

लसीना ज़रबो का कहना था, "हम दरअसल इस दिशा में बहुत मेहनत से काम कर रहे हैं. हम दिन रात इस कोशिश में ख़र्च कर रहे हैं कि देशों को ये समझा सकें कि परमाणु परीक्षणों पर पाबन्दी लगाने वाली इस संधि को मंज़ूरी देते हुए इस पर अमल करना देशों की ख़ुद की राष्ट्रीय सुरक्षा का एक हिस्सा है."

"इसके साथ ही इस संधि के लागू होने से अन्तरराष्ट्रीय शान्ति और सुरक्षा को भी सुनिश्चित और मज़बूत किया जा सकता है. हम विश्व को परमाणु परीक्षणों से मुक्त करने के लिए कोई क़सर नहीं छोड़ना चाहते, इसीलिए हम इस दिशा में अथक प्रयास करते रहे हैं और आगे भी तब तक करते रहेंगे जब तक कि सीटीबीटी पूरी तरह से लागू नहीं हो जाती है."

ग़ौरतलब है कि अभी तक अमरीका, भारत, चीन, पाकिस्तान, मिस्र, ईरान, इसराइल और उत्तर कोरिया ने परमाणु परीक्षणों पर प्रतिबन्ध लगाने वाली इस संधि सीटीबीटी पर दस्तख़त नहीं किए हैं.