29/08/2013

सीरिया पर बाहरी हमला ग़ैरक़ानूनी

सुनिए /

सीरिया के लिए संयुक्त राष्ट्र और अरब लीग के दूत लख़दर ब्राहमी ने कहा है कि सीरिया पर अब कोई बाहरी सैनिक हमला नहीं होना चाहिए क्योंकि वहाँ दो वर्षों से जारी गृहयुद्ध में पहले ही एक लाख से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है.

लख़दर ब्राहमी ने ये भी कहा कि अगर विदेशी सैनिक कार्रवाई की ज़रूरत नज़र भी आती है तो उसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंज़ूरी मिलना ज़रूरी है.

उन्होंने कहा कि 21 अगस्त को राजधानी दमिश्क में आम लोगों के ख़िलाफ़ किसी पदार्थ का इस्तेमाल किया तो गया लगता है लेकिन इसकी पूरी जाँच-पड़ताल करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के रसायनिक इस्पेक्टरों को पूरा मौक़ा मिलना चाहिए.

लख़दर ब्राहमी का कहना था, "अन्तरराष्ट्रीय क़ानून कहता है कि कोई भी सैनिक कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंज़ूरी से ही हो सकती है. मैं इस बारे में कुछ नहीं कहना चाहता कि अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और अमरीकी प्रशासन लड़ाई पसन्द करने वाले हैं या नहीं."

"वो क्या फ़ैसला करेंगे, मैं ये भी नहीं जानता. लेकिन अन्तरराष्ट्रीय क़ानून बिल्कुल स्पष्ट है कि ऐसे मामलों में सुरक्षा परिषद की मंज़ूरी ज़रूरी है. अभी तक एक लाख से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और उनमें से ज़्यादातर की मौत सीरिया की सरकारी सेनाओं के हाथों हुई है. मेरे ख़याल से, अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से एक ये बड़ी शिकायत की जा सकती है कि उसने 21 अगस्त से पहले क्यों कुछ ठोस कार्रवाई नहीं की."

उन्होंने कहा कि "सीरिया में अब बहुत ख़ून ख़राबा हो चुका है, अब हम और लोगों की मौत नहीं देखना चाहते हैं. हम इस ख़ून ख़राबे को रुकते हुए देखना चाहते हैं. इसलिए उसूलन मैं सीरिया पर किसी भी बाहरी हमले के सख़्त ख़िलाफ़ हूँ."

उन्होंने कहा कि सीरिया के हालात को इसी तरह अब और स्वीकार नहीं किया जा सकता.

लख़दर ब्राहमी ने सीरियाई लोगों और अन्तरराष्ट्रीय समुदाय से अपील करते हुए कहा कि सीरिया के इस अति गम्भीर संकट का राजनीतिक हल निकालने के लिए पक्का इरादा दिखाएँ.

Loading the player ...

कनेक्ट