23/08/2013

77 करोड़ लोग हैं पानी से महरूम

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संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम यानी यू एन डी पी का कहना है कि दुनिया भर में करोड़ों लोग ऐसे हैं जिन्हें रोज़मर्रा की ज़िन्दगी में समुचित पानी नसीब नहीं होता है जिससे उनके वजूद पर ही ख़तरा बना रहता है.

यू एन डी पी की एसोशिएट एडमिनिस्ट्रेटर रिबेका ग्रीनस्पैन ने कहा कि इस समस्या से बहुत से इलाक़ों में शान्ति और मानवीय सुरक्षा के लिए गम्भीर ख़तरा पैदा हो जाता है.

ताजिकिस्तान के शहर दुशाम्बे में जल सहयोग पर एक उच्चस्तरीय अन्तरराष्ट्रीय सम्मेलन में रिबेका ग्रीनस्पैन ने कहा कि दुनिया भर में लगभग 77 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन तक अब भी साफ़ सुथरा और सुरक्षित पानी नहीं पहुँच पाता है.

इसके अलावा क़रीब ढाई अरब लोगों को साफ़-सफ़ाई की बुनियादी सेवाओं भी उपलब्ध नहीं हैं.

रिबेका ग्रीमस्पैन का कहना था कि एक तरफ़ तो पूरी दुनिया में जल संसाधनों की माँग बढ़ती जा रही और दूसरी तरफ़ बड़े पैमाने पर पानी की बर्बादी भी होती है.

साथ ही जल प्रदूषण यानी पानी में ज़हरीले पदार्थ बहाने से पूरे पर्यावरण और खेतीबाड़ी के लिए गम्भीर ख़तरा पैदा हो गया है जिससे लोगों का जीवन और खाद्य सुरक्षा भी प्रभावित होते हैं.

रिबेका ग्रीमस्पैन का कहना था कि अगर ये चलन ऐसे ही जारी रहा तो वर्ष 2025 तक ऐसे लोगों की संख्या तीन अरब तक पहुँच जाएगी जिन्हें पानी की क़िल्लत का सामना करना पड़ेगा.