8/08/2013

मानवाधिकार विशेषज्ञ बर्मा के मिशन पर

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संयुक्त राष्ट्र के एक मानवाधिकार विशेषज्ञ थॉमस ओजिया क्विन्टाना ने कहा कि उनकी आगामा बर्मा यात्रा से वहाँ मानवाधिकार स्थिति का जायज़ा लेने का अच्छा मौक़ा मिलेगा.

बर्मा में पिछले कुछ समय से सुधारों के एजेंडे पर काम हो रहा है.

मानवाधिकार विशेषज्ञ क्विन्टाना 11 से 21 अगस्त तक बर्मा की यात्रा करेंगे.

इस यात्रा के दौरान वो एक सदभावनापूर्ण और बहु सांस्कृतिक समाज के निर्माण में अपना योगदान देंगे जिसमें लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान हो सके. उन्होंने वर्ष 2008 में ये ज़िम्मेदारी संभाली थी.

संयुक्त राष्ट्र रेडियो के साथ एक ख़ास बातचीत में क्विन्टाना ने इस मिशन की अहमियत के बारे में बताते हुए कहा कि ये बर्मा के लिए उनका सातवाँ और सबसे लम्बा मिशन होगा.

क्विन्टाना ने कहा, "ये एक अहम मिशन है क्योंकि मानवाधिकार प्रतिनिधि के रूप में अगले साल मेरा कार्यकाल पूरा होने वाला है. कार्यकाल समाप्त होने से पहले मैं बर्मा के लिए दो मिशन और पूरे करूंगा. इसलिए ये सबसे अच्छा मौक़ा है कि मानवाधिकार क्षेत्र में जो कमियाँ रह गई हैं उन्हें दूर करने के लिए प्रयास किए जाएँ."

"मुझे पूरी उम्मीद है कि बर्मा में जो दस दिन बिताउंगा, उस दौरान मुझे अधिकारियों के साथ मानवाधिकार के मुद्दों पर बात करने का व्यापक अवसर मिलेगा."

अपनी इस बर्मा यात्रा के दौरान वो अनेक क़ैदियों से भी मुलाक़ात करेंगे.

ग़ौरतलब है कि बर्मा के राष्ट्रपति थीयेन सीएन ने कहा है कि वो इस वर्ष के अन्त तक सभी राजनीतिक क़ैदियों को रिहा कर देंगे.