26/07/2013

मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाने का समय

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मध्य पूर्व शान्ति प्रक्रिया के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष संयोजक रॉबर्ट सैरी ने सुरक्षा परिषद में मंगलवार को कहा है कि दोनों पक्षों के बीच शान्ति बातचीत क्षेत्र के भविष्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है.

उन्होंने कहा कि शान्ति प्रक्रिया में प्रगति और इसराइली और फ़लस्तीनी पक्षों के बीच रचनात्मक पहल से इस क्षेत्र के लिए सकारात्मक राजनीतिक माहौल बन सकता है.

रॉबर्ट सैरी ने कहा कि इसके उलट अगर मौजूदा गतिरोध यूँ ही बना रहा तो दो राष्ट्रों के सर्वसम्मत समाधान की उम्मीद धूमिल पड़ती जाएगी.

उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच गम्भीर बातचीत फिर से शुरू करने के लिए समय गँवाना समझदारी नहीं होगी, "हम अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुँच चुके हैं. हाल के वर्षों में जो गतिरोध रहा है उस पर हम बहुत निराशा और ग़ुस्सा व्यक्त कर चुके हैं."

"अब समय आ गया है कि हम सभी को मिलकर ये प्रयास शुरू कर देने चाहिए कि दोनों पक्षों का ध्यान इस ज़रूरत और तात्कालिकता की तरफ़ खींचा जाए कि वे बातचीत शुरू करने के मौक़े को नहीं गँवा सकते."

रॉबर्ट सैरी ने कहा, "अगर इसराइली और फ़लस्तीनी दोनों ही पक्ष समस्या का समाधान दो राष्ट्र के रूप में निकालना चाहते हैं तो उन्हें गम्भीर राजनीतिक संकल्प दिखाते हुए बातचीत में ठोस प्रगति दिखानी होगी. हम बख़ूबी समझते हैं कि बातचीत के ज़रिए इस दिशा में कोई ठोस प्रगति हासिल करना आसान नहीं है लेकिन कोशिश तो जारी रखनी ही होगी."

उन्होंने कहा कि ये भी ध्यान में रखना होगा कि ये सटीक समय है – एक मिला-जुला और ठोस क़दम उठाने का और दोनों पक्षों को हर सहायता और समर्थन मुहैया कराने का."

रॉबर्ट सैरी ने आगाह करते हुए ये भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र के रूप में हम ये भलीभाँति समझते और मानते हैं कि समस्या का समधान दो राष्ट्र के रूप में निकालना ही दोनों पक्षों यानी इसराइलियों और फ़लस्तीनियों के लिए बेहतर है.

इसके ज़रिए फ़लस्तीनी इलाक़ों पर इसराइल का क़ब्ज़ा समाप्त हो जाएगा जो 1967 में शुरू हुआ था.

ग़ौरतलब है कि इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए सुरक्षा परिषद अनेक प्रस्ताव भी पारित कर चुकी है.

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