3/11/2017

रोहिंग्या की वापसी का सवाल

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म्याँमार के रख़ाइन प्रान्त में सेना के दमन से बचकर भागे और बांग्लादेश पहुँचे रोहिंग्या लोगों की वापसी के बारे में बातचीत करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के एक वरिष्ठ अधिकारी ने म्यामाँर का दौरा किया है.

संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (UNHCR) ने बताया है कि दो दिन की इस म्याँमार यात्रा के दौरान Assistant High Commissioner for Protection वॉल्कर तूर्क ने म्याँमार सरकार के अनेक अधिकारियों से मुलाक़ात की.

वॉल्कर तूर्क ने म्याँमार सरकार से आहवान किया कि ज़रूरतमन्द लोगों तक मानवीय सहायता बिना किसी बाधा के पहुँचने देने के इन्तज़ाम करने होंगे.

इसके साथ ही जान बचाकर भागे रोहिंग्या Refugees की सुरक्षित और सम्मानजनक वापसी भी सुनिश्चित करनी होगी.

ध्यान दिला दें कि म्याँमार के रख़ाइन State में सेना के दमन और हिंसा से बचकर अगस्त के बाद क़रीब दो महीनों के दौरान क़रीब छह लाख रोहिंग्या लोग पनाह लेने के लिए बांग्लादेश पहुँचे हैं.

इनमें ज़्यादातर मुसलमान हैं.

वॉल्कर तूर्क ने म्याँमार सरकार से उत्तरी प्रान्त रख़ाइन में सभी समुदायों को सुरक्षित माहौल मुहैया कराने के पुख़्ता इन्तज़ाम करने का आग्रह किया है.

इस बीच संयुक्त राष्ट्र के मानवीय सहायता मामलों के कार्यालय ने कहा है कि बांग्लादेश पहुँचने वाले रोहिंग्या मुसलमानों की संख्या अब कुछ कम हो रही है.

हालाँकि अब भी ऐसी ख़बरें हैं कि कई हज़ार रोहिंग्या लोग बांग्लादेश की सीमा में दाख़िल होने का इन्तज़ार कर रहे हैं.

रिपोर्ट प्रस्तुति : महबूब ख़ान

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