27/10/2017

इबोला जैसे वायरस से सनसनी

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कहा है कि वो यूगांडा सरकार और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर एक ऐसे वायरस को रोकने के प्रोग्राम पर काम कर रहा है जिससे इबोला वायरस जैसे लक्षण पैदा होते हैं.

इस नई बीमारी का नाम है – Marburg virus disease यानी MVD.

50 साल की एक महिला को ऐसे लक्षणों के इलाज के लिए मंगलवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहाँ उसकी मौत MVD से होने की पुष्टि की गई है.

ये घटना यूगांडा और केनिया की सीमा पर स्थित एक पहाड़ी इलाक़े में हुई बताई गई है.

उस महिला को बुख़ार हुआ, फिर उल्टी और डायरिया हुआ और रक्तस्राव भी हुआ. ये लक्षण इबोला वायरस से होने वाले संक्रमण के समान ही बताए गए हैं.

इस महिला के भाई की मौत भी तीन सप्ताह पहले इन्हीं लक्षणों की वजह से हुई बताई गई है.

उस व्यक्ति को परम्परागत तरीक़े से दफ़ना दिया गया था. ऐसी जानकारी सामने आई है कि वो व्यक्ति जिस गुफ़ा में रहता था वहाँ चमगादड़ों की भरमार थी.

चमगादड़ों को मैरबर्ग वायरस का वाहक माना जाता है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि मैरबर्ग वायरस के फैलाव से कई सौ लोगों के इसकी चपेट में आने का ख़तरा पैदा हो गया है.

एजेंसी का कहना है कि इस फैलाव को देखते हुए ज़रूरी दवाएँ और चिकित्सा सेवाएँ मुहैया कराई जा रही हैं.

इसके अलावा मौत के बाद लोगों को सुरक्षित तरीक़े से किस तरह दफ़नाया जाए, इस बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है.

इस मुश्किल का सामना करने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पाँच लाख डॉलर की रक़म तुरन्त मुहैया कराई है.

अफ्रीका क्षेत्र के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन के आपात निदेशक इब्राहीम सोसे फ़ाल का कहना था कि चिकित्सा दलों ने इलाक़े में जाँच-पड़ताल शुरू कर दी है.

इस बीमारी की चपेट में आने वाले लोगों की निशानदेही भी कर ली गई है और उनकी निगरानी की जा रही है.

उनका कहना था कि इलाक़े में मौजूद चिकित्सा और अन्य टीमें लगातार ताज़ा जानकारी मुहैया करा रही हैं.

संगठन के विशेषज्ञों और कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई है कि इन आपात उपायों की बदौलत जल्द ही इस वायरस पर क़ाबू पा लिया जाएगा.

रिपोर्ट प्रस्तुति: महबूब ख़ान

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