एबोला वायरस ने तीन देशों के बीस हज़ार लोगों को अपनी चपेट में लिया. क़ाबू पाने के लिए काफ़ी समय और बड़ी रक़म की ज़रूरत है.
29/08/2014 / सुनिए /

बेहतर ज़िन्दगी की तलाश में!

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वो बेहतर ज़िन्दगी की तलाश में दीगर मुल्कों के लिए चलते हैं. मगर राह इतनी क्रूर है कि मंज़िल हाथ नहीं आती.
29/08/2014 / सुनिए /

सुरक्षा परिषद एक्शन सुधारे तो…

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सुरक्षा परिषद में सहमति की कमी की वजह से बहुत से संकट गम्भीर हो जाते हैं. तो क्या एक्शन होना चाहिए और कैसे.
22/08/2014 / सुनिए /

ग़ाज़ा की राह कुछ आसान

First Phase Digital
ग़ाज़ा इसराइल की पाबन्दी की वजह से जेल जैसा बन चुका है. मगर अब रफ़ाह चौकी खुलने से राह आसान होने की उम्मीद.
29/08/2014 / सुनिए /

सीरिया का ताना-बाना हुआ तार-तार

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ख़ूनी लड़ाई से सीरिया का वजूद ही हिल गया है और पूरा सामाजिक और आर्थिक ताना-बाना ही तार-तार हो गया है.
29/08/2014 / सुनिए /

ई-सिगरेट भी है ख़तरनाक

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पता चला है कि असली सिगरेट छुड़वाने की दलील के साथ बाज़ार में आई इलैक्ट्रॉनिक सिगरेट भी ख़तरनाक़ है.
29/08/2014 / सुनिए /

‘सुरक्षा परिषद अक्सर संजीदा नहीं’

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नवी पिल्लई का कहना है कि सुरक्षा परिषद संकट पर तेज़ कार्रवाई नहीं करती जिससे हालात बहुत बिगड़ जाते हैं.
22/08/2014 / सुनिए /
हिन्दी परिक्रमा 29 अगस्त 2014
हिन्दी परिक्रमा 29 अगस्त 2014
साप्ताहिक समाचार बुलेटिन
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